आर. के. जोशी
बीकानेर। धीरज नगर बिहार मुरलीधर व्यास कॉलोनी स्थित मां सरस्वती वेदाश्रम आश्रम में फरवरी माह की 05 तारीख को एक सामुदायिक यज्ञोपवीत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस बात की जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष पंडित मुरलीधर पुरोहित ने बताया कि 16 संस्कारों में यह जनेऊ संस्कार दसवां संस्कार है। ब्राह्मण के लिए यज्ञोपवीत संस्कार सबसे उत्तम माना गया। इसका वर्णन वेदों और उपनिषदों में भी बड़े स्पष्ट रूप से किया गया है कि ब्राह्मण बालक को 7 वर्ष की आयु तक अपना जनेऊ संस्कार कर लेना चाहिए । पुष्करणा ब्राह्मणों में आरंभ से ही छोटे-छोटे बच्चों का यज्ञोपवीत संस्कार किया जाता रहा है इसी कड़ी में एक बार फिर से बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार किया जाएगा जिसमें संस्थान द्वारा बटुकों को समस्त प्रकार की सामग्री प्रदान की जाएगी। आश्रम के सचिव पंडित उमेश ने बताया कि जनेऊ संस्कार से ब्राह्मणों में एक विशेष तेज का संचारण होता रहता है। जनेऊ संस्कार के समय जो वैदिक मित्रों का उच्चारण होता है और हम हेतु अग्नि प्रज्वलित की जाती है उसके धुएं से सारा वातावरण शुद्ध और मानव के मन की मेल दूर होती है और एक विशेष प्रकार की शांति मिलती है।
पंडित संतोष व्यास, पंडित सुरेश किराडू, लोकेश व्यास प्रवक्ता राकेश बिस्सा ने बताया कि इस कार्यक्रम में आश्रम द्वारा बटुकों को अलग-अलग पंडितों से हवन करवाया जाएगा।











Leave a Reply