अमित कुमार
हरिद्वार। हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत करीब 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों को मजबूती देने के साथ श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अलकनंदा होटल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 43.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। इसके अलावा 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां गंगा की कृपा और संत समाज के आशीर्वाद से शुरू हुई ये परियोजनाएं हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने के व्यापक विजन का हिस्सा हैं। सरकार केवल शिलान्यास तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि परियोजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से पूरा कर जनता को समर्पित करने की कार्यसंस्कृति पर विश्वास करती है। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।
महाकुंभ से पहले मजबूत होगी आधारभूत संरचना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के साथ केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ-2027 को ऐतिहासिक, दिव्य, भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए हरिद्वार में नए घाटों एवं पुलों का निर्माण, प्रमुख संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण, ज्वालापुर और शिवालिक नगर के बीच रोह नदी पर नए पुल तथा पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रगति पर हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन सुविधाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार को आस्था के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के क्षेत्र में भी अग्रणी नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है।
लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज और श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी तथा हरकी पैड़ी से मां चंडी देवी और मां मनसा देवी तक रोपवे परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा लालढांग क्षेत्र में पुल एवं झूला पुल निर्माण, शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन तथा मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग, पार्क और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं।
कांवड़ पटरी मार्ग का होगा स्थायी विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्य रूप से अस्थायी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाता था, लेकिन राज्य सरकार ने इस सोच में बदलाव करते हुए कांवड़ पटरी मार्ग के स्थायी और आधुनिक विकास का कार्य शुरू किया है। इससे हर साल आने वाले करोड़ों कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सुगम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि विकास के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता और देवभूमि की मूल पहचान का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है।
समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति सरकार की सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि से 12 हजार एकड़ से अधिक अतिक्रमण हटाया गया है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रशासनिक मार्ग का नाम परिवर्तन संबंधी सुझाव पर संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि धर्मनगरी हरिद्वार में विश्वस्तरीय आधारभूत अवसंरचना के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ होगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा ने भी विचार व्यक्त किए। यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि महाकुंभ से पूर्व सभी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। समारोह में अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर हरिद्वार किरण जैसल, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी शामिल रहे।












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