श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के निष्कासन को वापस लेने की मांग, अखाड़ा परिषद ने दिया जांच का आश्वासन

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प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर कहा—2016 के कुंभ में गुमराह कर कराया गया था निष्कासन, संपत्ति विवाद और जनरल कमेटी के चुनाव का भी उठाया मुद्दा

अमित कुमार

हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन, पंजाब के जनरल सेक्रेटरी महंत गणेश दास के नेतृत्व में पंजाब से आए अखाड़े के प्रतिनिधिमंडल ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज और राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज को ज्ञापन सौंपकर अखाड़ा परिषद से अपना निष्कासन समाप्त किए जाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने माया देवी मंदिर, जूना अखाड़ा में अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। महंत गणेश दास ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 के प्रयागराज कुंभ के दौरान नया अखाड़ा उदासीन के तत्कालीन कुछ पदाधिकारियों ने तत्कालीन अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि को गुमराह कर उनका अखाड़ा परिषद से निष्कासन करवा दिया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद से लगातार उनके देवताओं का कुंभ मेले के शाही स्नान में अपमान किया जाता रहा है। इस संबंध में अखाड़ा परिषद को पूर्व में भी कई बार अवगत कराया जा चुका है।।उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित पदाधिकारियों द्वारा नया अखाड़ा उदासीन की संपत्ति पर कब्जा कर उसे अवैध रूप से बेचने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में अखाड़ा परिषद को दस्तावेज और अन्य प्रमाण भी सौंपे। महंत गणेश दास ने बताया कि नया अखाड़ा उदासीन की व्यवस्थाओं को संचालित करने के लिए पंजाब के जालंधर जिले में एक जनरल कमेटी पंजीकृत है। यह कमेटी भ्रमणशील जमात मंडल के मुखिया महंतों के कार्यकलापों पर नियंत्रण रखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके निष्कासन के बाद संबंधित पदाधिकारियों ने जनरल कमेटी की बैठकों में आना बंद कर दिया और नियमानुसार चुनाव भी नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार जनरल कमेटी का निर्वाचन और पंजीकरण का नवीनीकरण समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है। साधारण सभा की ओर से कई बार आग्रह किए जाने के बावजूद चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की देखरेख में जनरल कमेटी के पदाधिकारियों का चुनाव कराया जाए और उनका अखाड़ा परिषद से निष्कासन समाप्त किया जाए।अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज और राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर तथ्यों का पता लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले में नियमों और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकरण को लेकर एजेंडा जारी कर अखाड़ा परिषद की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

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