पत्रकार सुरक्षा कानून पर PMO से मांगा हिसाब

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ज्ञापन, महाधरना और पोस्टकार्ड अभियान पर क्या हुई कार्रवाई? RTI के जरिए मांगी फाइल नोटिंग से लेकर अंतिम निर्णय तक की पूरी जानकारी

एन. बंसल

नई दिल्ली/चंडीगढ़। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा ने अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत विस्तृत जानकारी मांगी है। संघ की संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इंदु बंसल जैन के निर्देश पर दायर आरटीआई में वर्ष 2025 से अब तक पत्रकार सुरक्षा कानून से जुड़े सभी ज्ञापनों, पत्राचार, फाइल नोटिंग, कार्रवाई रिपोर्ट (ATR), सरकारी पत्राचार और अंतिम निर्णय की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई है। डॉ. इंदु बंसल जैन ने कहा कि हरियाणा के पत्रकार वर्षों से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष उठाते रहे हैं। इसी क्रम में श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा की सभी जिला इकाइयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपे थे। उन्होंने इसे प्रदेश का सबसे बड़ा ज्ञापन अभियान बताया। उन्होंने कहा कि 22 मार्च 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर हरियाणा के इतिहास का पहला विशाल महाधरना आयोजित किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड भेजो अभियान भी चलाया गया, जिसमें सैकड़ों पत्रकारों ने भाग लिया। इसके बावजूद आज तक इन ज्ञापनों, पोस्टकार्डों और आंदोलनों पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरटीआई आवेदन में 1 जनवरी 2025 से अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए सभी पत्र, ज्ञापन, ई-मेल, प्रतिवेदन, बैठक अनुरोध, अनुस्मारक और अन्य प्रस्तुतियों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं। साथ ही इन पर की गई कार्रवाई, एटीआर, फाइल नोटिंग, संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों के साथ हुए पत्राचार तथा अंतिम निर्णय से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। यह आरटीआई आवेदन श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा की ओर से गोहाना इकाई के कानूनी सलाहकार भूषण अग्रवाल द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया है। आवेदन में यह भी पूछा गया है कि इन मामलों को किन अधिकारियों ने किस स्तर पर देखा, क्या किसी मंत्रालय या विभाग को कोई निर्देश या परामर्श जारी किया गया तथा मामलों के अंतिम निस्तारण से संबंधित अभिलेखों में क्या कारण दर्ज किए गए। संघ ने यह भी अनुरोध किया है कि यदि मांगी गई सूचना का कोई भाग किसी अन्य मंत्रालय, विभाग या लोक प्राधिकरण से संबंधित हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(3) के तहत संबंधित प्राधिकरण को स्थानांतरित किया जाए और इसकी सूचना संघ को दी जाए। साथ ही निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी उपलब्ध प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

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