राजनीति के आसमान में चमकता सितारा : मोहन सिंह ढेक ‘मुन्ना ढेक भाई जी’

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समाजसेवा के जरिए चम्पावत-लोहाघाट में बनाई अलग पहचान, जरूरतमंदों की मदद को रहते हैं सदैव तत्पर

रमेश राम

चम्पावत। उत्तराखंड की राजनीति में कई ऐसे चेहरे हैं, जिन्होंने अपनी सक्रियता के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी अलग पहचान बनाई है। इन्हीं में एक नाम मोहन सिंह ढेक ‘मुन्ना ढेक भाई जी’ का भी तेजी से उभर रहा है। अल्प समय में उन्होंने चम्पावत और लोहाघाट क्षेत्र में अपनी सामाजिक सक्रियता और जनसरोकारों के चलते लोगों के बीच एक अलग पहचान बनाई है। मोहन सिंह ढेक को क्षेत्र में लोग स्नेह और सम्मान से ‘भाई जी’ के नाम से पुकारते हैं। उनके समर्थकों और परिचितों का कहना है कि जरूरत के समय किसी व्यक्ति की परेशानी का समाधान तलाशने में वह अपनी ओर से हरसंभव प्रयास करते हैं। यही वजह है कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच उनकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।

जरूरतमंदों की मदद को रहते हैं आगे

क्षेत्र में गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए मोहन सिंह ढेक द्वारा किए गए प्रयासों की चर्चा भी होती रहती है। बताया जाता है कि उन्होंने कई जरूरतमंद परिवारों को मकान निर्माण में सहयोग दिया, वहीं गरीब परिवारों के बच्चों की शादी सहित अन्य आवश्यकताओं में भी यथासंभव मदद की है। उनकी खासियत यह बताई जाती है कि मदद करते समय वह किसी धर्म, जाति या वर्ग को प्राथमिकता नहीं देते। जरूरतमंद व्यक्ति की परेशानी को अपनी परेशानी समझकर उसके समाधान में सहयोग करना ही उनका उद्देश्य रहता है।

‘अगर इंसान, इंसान के काम नहीं आया तो जन्म बेकार’

समाजसेवा के पीछे उनकी भावना के बारे में पूछे जाने पर मोहन सिंह ढेक ‘मुन्ना ढेक भाई जी’ कहते हैं कि “अगर इंसान, इंसान के काम नहीं आया तो उसका यह जन्म ही बेकार है।” उनका कहना है कि यदि उनकी छोटी-सी मदद से किसी व्यक्ति के जीवन में परेशानी कम होती है और उसके चेहरे पर खुशी आती है तो इससे बड़ी संतुष्टि उनके लिए कोई दूसरी नहीं हो सकती। ईश्वर में आस्था रखने वाले भाई जी का कहना है कि यदि भगवान ने उन्हें किसी दुखी और जरूरतमंद व्यक्ति की मदद का माध्यम बनाया है तो यह उनके लिए सौभाग्य की बात है।

सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना जरूरी

मोहन सिंह ढेक का मानना है कि समाजसेवा के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी भी बड़ी होती है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना एक अच्छे जनप्रतिनिधि का प्रमुख दायित्व है। उनका जोर इस बात पर है कि योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। चम्पावत और लोहाघाट क्षेत्र में लगातार बढ़ती उनकी सक्रियता को देखते हुए समर्थक उन्हें उत्तराखंड की राजनीति में भविष्य की संभावनाओं वाले चेहरों में देखते हैं। हालांकि राजनीति में उनका वास्तविक भविष्य समय और परिस्थितियां तय करेंगी, लेकिन समाजसेवा के जरिए लोगों के बीच बनाई गई उनकी पहचान उन्हें क्षेत्र की राजनीति में चर्चा का विषय जरूर बना रही है।

 

 

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