राज्य गठन के बाद पहली बार शासन स्तर पर पेंशनर्स संगठन के साथ हुई त्रिस्तरीय बैठक, गोल्डन कार्ड की समस्याओं के समाधान पर बनी सहमति
अमित कुमार
देहरादून। राज्य के पेंशनर्स की सात सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में मुख्य सचिव सभागार में गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधियों के साथ त्रिस्तरीय बैठक आयोजित की गई। राज्य गठन के बाद शासन स्तर पर पेंशनर्स संगठन के साथ यह पहली बैठक बताई जा रही है। बैठक में पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा हुई और मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के सचिवों एवं अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। करीब एक घंटे चली बैठक में पेंशनर प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों, समस्याओं के संभावित कारणों और उनके समाधान को लेकर विस्तार से अपना पक्ष रखा। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को मांगों को संदर्भित करते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत, अपर सचिव वित्त खजान चंद्र पाण्डेय, अपर सचिव स्वास्थ्य एवं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीओ रीना जोशी, कार्मिक अनुभाग के अधिकारी प्रमोद कुमार, शिवम कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पेंशनर पक्ष की ओर से गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रांतीय अध्यक्ष चौ. ओमबीर सिंह और महामंत्री जे.पी. चाहर के नेतृत्व में संविधान संशोधन समिति के अध्यक्ष आर.के. जोशी, देहरादून अध्यक्ष ठा. शेर सिंह, हरिद्वार अध्यक्ष बी.पी. चौहान, प्रांतीय लीगल एडवाइजर सुखवंश सिंह, दिनेश जोशी, जिला सलाहकार पी.सी. खंतवाल और ललित मोहन उनियाल ने प्रतिनिधित्व किया।
गोल्डन कार्ड की समस्याओं पर मुख्य सचिव ने जताया आश्चर्य
बैठक में गोल्डन कार्ड से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। समस्याओं पर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने आश्चर्य जताते हुए चिकित्सा विभाग और राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीओ रीना जोशी को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में गोल्डन कार्ड व्यवस्था से ऑप्ट-आउट कर चुके और दोबारा ऑप्ट-इन करना चाहने वाले पेंशनर्स को एक अवसर उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी।
अंशदान बढ़ाने का प्रस्ताव पेंशनर्स ने किया खारिज
गोल्डन कार्ड व्यवस्था में पेंशनर्स के अंशदान में वृद्धि को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की गत दिवस हुई बैठक में हुई चर्चा का मुद्दा उठने पर पेंशनर संगठन ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। प्रांतीय अध्यक्ष चौ. ओमबीर सिंह ने कहा कि पेंशनर्स के अंशदान में किसी भी प्रकार की वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।
17 दिसंबर को जिलों में मनाया जाएगा राष्ट्रीय पेंशनर दिवस
मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया कि इस वर्ष 17 दिसंबर को जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पेंशनर दिवस आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति की तिथि से एक नॉशनल इंक्रीमेंट दिए जाने संबंधी आदेश में शीघ्र संशोधन का भी आश्वासन दिया गया। बैठक में राज्य के सभी कोषागारों में पेंशनर भवन विकसित करने तथा पेंशनर्स को पहचान पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में पुनः आदेश जारी करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
15 जुलाई को भेजा गया था मांगपत्र
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के हाल ही में जून माह में निर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष चौ. ओमबीर सिंह और महामंत्री जे.पी. चाहर ने संयुक्त हस्ताक्षर से 15 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव को सात सूत्रीय मांगपत्र भेजा था। इसमें पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर त्रिस्तरीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया था। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्य सचिव आनंद वर्धन की पहल से राज्य गठन के बाद पहली बार शासन स्तर पर पेंशनर्स की समस्याओं को लेकर इस प्रकार की बैठक आयोजित हुई है। संगठन ने उम्मीद जताई कि बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद पेंशनर्स की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।












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