निषाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण निषाद ने दक्षिण काली मंदिर में की पूजा

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जल्द लागू होगा ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’; बार-बार चुनाव से विकास कार्य होते हैं प्रभावित

अमित कुमार

हरिद्वार। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व सांसद प्रवीण निषाद ने आज सिद्धपीठ श्री दक्षिण काली मंदिर पहुंचकर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के सानिध्य में विधिवत रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की तथा संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रवीण निषाद ने कहा कि श्रावण मास में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज भगवान शिव की कठिन साधना करते हैं। करीब 18 घंटे लगातार जलाभिषेक और तपस्या के माध्यम से वे सनातन संस्कृति की पताका को देश-दुनिया में प्रचारित एवं प्रसारित कर रहे हैं।

2022 में 15 सीटों पर लड़ी थी पार्टी

निषाद पार्टी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए प्रवीण निषाद ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें 11 सीटों पर जीत हासिल हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने निषाद पार्टी को राजनीतिक सेवा का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज की गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए गए हैं। निषाद राज पार्क, ऑडिटोरियम और विश्रामगृह आदि के निर्माण से समाज के गौरवशाली इतिहास और परंपराओं को सम्मान के साथ सामने लाने का प्रयास किया गया है।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का किया समर्थन

प्रवीण निषाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के संकल्प का समर्थन करते हुए कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों पर खर्च होने वाला भारी बजट देशहित में विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव होने के कारण सरकार और प्रशासन को बार-बार चुनावी प्रक्रिया में जुटना पड़ता है, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार जल्द ही ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

निषाद समाज के उत्थान पर जोर

उन्होंने कहा कि निषाद समाज के उत्थान और उसे मुख्यधारा से जोड़ने में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समाज के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर श्री दक्षिण काली मंदिर के संत-महंतों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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