मानव श्रृंखला बनाकर विद्यार्थियों ने दिया रैगिंग-मुक्त और तंबाकू-मुक्त परिसर का संदेश
पी. के. गुप्ता
बोधगया। मगध विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रकोष्ठ एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में सारथी गतिविधि कैलेंडर-2026 के अगस्त माह के तहत बुधवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के समक्ष आयोजित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को रैगिंग और तंबाकू के दुरुपयोग के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रतिभागियों ने रैगिंग से होने वाले मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों तथा तंबाकू सेवन से होने वाले नुकसान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कलाकारों ने नारे और गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों को रैगिंग से दूर रहने तथा तंबाकू का सेवन नहीं करने का संदेश दिया। नुक्कड़ नाटक में सौरभ, अंकुश, सुमित, गोपाल, रिचा, रवि, अलका, आलोक, साक्षी, आकांक्षा, अमित, आशीष, शिव, राजलक्ष्मी, मनीषा, अभिषेक, ज्योति, गौतम, प्रभात और आशीष शंकर ने सक्रिय भूमिका निभाई।
मानव श्रृंखला बनाकर लिया जागरूकता का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाकर रैगिंग एवं तंबाकू के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। विभिन्न स्नातकोत्तर एवं स्ववित्तपोषित विभागों के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, शोधार्थी और विद्यार्थी भी इस अभियान में शामिल हुए। इस अवसर पर सारथी समन्वयक डॉ. एकता वर्मा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति समन्वयक डॉ. प्रियंका सिंह, सारथी मेंटर्स डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. दिव्या मिश्रा, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. शमशाद अंसारी, डॉ. अविनाश कुमार एवं डॉ. रति सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर को रैगिंग-मुक्त और तंबाकू-मुक्त परिसर बनाने के साथ विद्यार्थियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता की भावना विकसित करना रहा। आयोजकों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वस्थ और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।












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