मानसून को लेकर अलर्ट मोड में रहें अधिकारी, जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल कराएं जलनिकासी : विनय रोहिला

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लोक निर्माण विभाग को एक सप्ताह में बंद नाले-नालियां खोलने के निर्देश, डेंगू रोकथाम के लिए संयुक्त अभियान चलाने को कहा

अमित कुमार

हरिद्वार। राज्य आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री विनय कुमार रोहिला की अध्यक्षता में आज नगर निगम सभागार, रुड़की में मानसून के मद्देनजर आपदा प्रबंधन तैयारियों की विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में सभी विभाग आपसी समन्वय, त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। राज्य मंत्री ने कहा कि भारी बारिश के कारण जिन क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, वहां संबंधित विभाग तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। नगर निगम, सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और शिकायत मिलते ही प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

एक सप्ताह में खुलेंगे बंद नाले-नालियां

विनय कुमार रोहिला ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि जनपद में बंद पड़े सभी नाले-नालियों को एक सप्ताह के भीतर खोलने की कार्रवाई हर हाल में पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी की सुचारु निकासी सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।

डेंगू की रोकथाम पर विशेष जोर

मानसून के दौरान डेंगू की रोकथाम को लेकर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। राज्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बरसाती पानी जमा न होने पाए। नियमित साफ-सफाई, फॉगिंग और जनजागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं।

अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

बैठक में कई विभागीय अधिकारियों के उपस्थित न होने पर राज्य मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जनता की समस्याएं सुनीं, त्वरित निस्तारण के निर्देश

बैठक के दौरान राज्य मंत्री विनय कुमार रोहिला ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने “एक पौधा मां के नाम” अभियान के अंतर्गत नगर निगम परिसर में पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।

स्कूलों में साफ-सफाई और मिड डे मील की गुणवत्ता पर ध्यान

राज्य मंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि सभी स्कूलों के परिसर में झाड़ियों और घास की नियमित साफ-सफाई कराई जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को सर्पदंश जैसी घटनाओं का खतरा न रहे। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे मिड डे मील की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बिना अनुमति सड़क न खोदने के निर्देश

जल निगम, जल संस्थान और सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया कि नगर निगम, नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्रों में किसी भी सड़क को बिना विभागीय अनुमति के न तोड़ा जाए। सीवरेज कार्य के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने तथा बंद और चोक सीवरेज लाइनों को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्रवासियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का तत्परता से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने राज्य मंत्री को आश्वस्त किया कि उनके सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन, जलभराव की रोकथाम, डेंगू नियंत्रण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पूरी तत्परता से लागू किया जाएगा।बैठक में मेयर रुड़की श्रीमती अनीता अग्रवाल, राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति, नगर आयुक्त रुड़की गोपाल राम बेनीवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोग तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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