हिमालयन एमएसएमई एक्सपो के तीसरे दिन जैविक खेती पर सेमिनार
जैविक खेती और गो-संवर्धन से बढ़ेगी किसानों की आय: धर्मपाल सिंह
अमित कुमार
हरिद्वार। वाइब्रेंट उत्तराखंड के अंतर्गत भारतीय मीडिया एंड इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से प्रेमनगर आश्रम में आयोजित चार दिवसीय हिमालयन एमएसएमई एक्सपो के तीसरे दिन जैविक खेती विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने शिरकत की। दोनों मंत्रियों ने उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों, जैविक खेती, जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक संसाधनों की संभावनाओं पर विचार रखे। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हिमालयन एमएसएमई एक्सपो स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है। उत्तराखंड के लोगों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को यहां बेहतर ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
बाहर से आने वाले व्यापारी भी इन उत्पादों को देखकर प्रदेश की संभावनाओं से परिचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का इतिहास प्राचीन काल से ही जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक औषधीय संपदा से जुड़ा रहा है। प्रदेश में औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यारसागुम्बा (कीड़ा जड़ी), सी-बकथॉर्न, जटामांसी और सालम पंजा जैसी औषधीय वनस्पतियों का उल्लेख करते हुए इनके संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया।
जैविक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत
सतपाल महाराज ने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से आगाह करते हुए किसानों से जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रसायनों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है और इसके दीर्घकालिक दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। सिक्किम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां जैविक खेती को व्यापक स्तर पर अपनाया गया है। उत्तराखंड में भी जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उत्तराखंड के किसानों और स्थानीय उत्पादकों के लिए यह क्षेत्र रोजगार और आय के नए अवसर पैदा कर सकता है।
स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का किया निरीक्षण
सेमिनार के बाद सतपाल महाराज ने एक्सपो में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय घी, शहद, अचार, जड़ी-बूटियों सहित अन्य उत्पादों की जानकारी ली और उत्पादकों से संवाद किया। उन्होंने आयोजकों को एक्सपो के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही प्रदेश के किसानों, कारीगरों और लघु उद्योगों को सीधे लाभ पहुंचाने में सहायक होंगे।
गो-आधारित जैविक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति और मिट्टी का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जैविक खेती और प्राकृतिक खाद के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि कंपोस्ट खाद तथा गो-आधारित जैविक खाद खेती के लिए बेहद उपयोगी है। उन्होंने कहा कि गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार जैविक खाद का उपयोग खेतों की उर्वरता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। जब किसान गो-आधारित जैविक खेती को अपनाएंगे तो खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। धर्मपाल सिंह ने पर्यावरण और खेती पर पॉलिथीन के दुष्प्रभावों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
सोमवार को होगा एक्सपो का समापन
चार दिवसीय हिमालयन एमएसएमई एक्सपो का वैसे तो विधिवत सोमवार को समापन होगा। लेकिन तीसरे दिन ही आधे से ज्यादा स्टालों ने इस एक्सपो से आज दोपहर के बाद से ही अपना सामान समेटना शुरू कर दिया था, जो कि चर्चा का विषय बन गया।












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