पत्रकार का मोबाइल छीना, थाने में बैठकर घंटों टॉर्चर किया, ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी ठहाके मारते रहे

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*पत्रकार यूनियन की पहल पर दो सिपाही लाइन हाजिर* *आरपीएफ कमांडेंट ने कहा मामले की हो रही है हाई लेवल इंक्वारी*
एस.एन.एस

पटना। ट्रेनों की लगातार लेट लतीफी की घटना को लेकर पटना जंक्शन पर रेल यात्रियों से बाइट ले रहे और समाचार कवरेज कर रहे एक प्रमुख हिंदी दैनिक प्रभात खबर के पत्रकारों दो को आरपीएफ के दो जवानों ने बदसलूकी की, धक्का मुक्की किया ,उनका मोबाइल छीन लिया और उनका गर्दन पड़कर पटना जंक्शन आफ पोस्ट में ले जाकर घंटे टॉर्चर किया। उनके साथ गाली गलौज किया गया और जेल भेजने की धमकी दी गई। इन दोनों पत्रकारों में एक का नाम आनंद तिवारी है। आरपीएफ के दो मामूली सिपाहियों ने जिसमें एक रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स का जवान था और दूसरा आरपीएफ का सिपाही था ने दोनों पत्रकारों की औकात बताई और कहा कि दर्जनों पत्रकारों को मैं जेल भेज चुका हूं। आरपीएफ थाने में ड्यूटी पर मौजूद ऑडी पदाधिकारी ने पत्रकारों के साथ बदसलूकी और टॉर्चर का मजा लेने के साथ ही ठहाके मारते रहे। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस एन श्याम, बिहार प्रेस मेंस यूनियन के अध्यक्ष अनमोल कुमार और वरिष्ठ पत्रकार कुमार निशांत ने इस मामले को गंभीरता से लिया। श्री श्याम और निशांत ने आरपीएफ के कमांडेंट उदय सिंह पवार से मोबाइल पर इस घटना की पूरी जानकारी ली और दोषी सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग की। आरपीएफ कमांडेंट ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर उन्हें फील्ड ड्यूटी से हटा दिया। इसमें एक सिपाही रविंद्र कुमार और दूसरा संदीप कुमार है। कमांडेड उदय सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज निकाला जा चुका है मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है जो भी दोषी होंगे, उन पर गंभीर और कठोर कार्रवाई होगी। श्री श्याम ने कमांडेंट उदय सिंह को जानकारी दी कि यदि 48 घंटे की भीतर मामले में न्यायोचित कार्रवाई नहीं होती है तो वे इस मामले को प्रेस काउंसिल आफ इंडिया में परिवाद दायर करेंगे।
श्री श्याम ने इस संबंध में आरपीएफ पोस्ट पटना जंक्शन के प्रभारी इंस्पेक्टर पटेल से भी मोबाइल पर बात किया और इन सिपाहियों के साथ ऑडी ड्यूटी पर मौजूद उस पुलिस अफसर के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की, जिनकी आंखों के सामने पत्रकार आनंद तिवारी को टॉर्चर किया जाता रहा।
बिहार प्रेस मेंस यूनियन के अध्यक्ष अनमोल कुमार ने बताया कि रेल मंत्रालय को इस मामले से अवगत करा दिया गया है। वरिष्ठ पत्रकार कुमार निशांत ने भी कहा कि आरपीएफ कमांडेंट को घटना की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
पत्रकार आनंद तिवारी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम को बताया कि आरपीएफ थाने में मौजूद आरपीएफ के पुलिस पदाधिकारी पत्रकारों का मजाक उड़ाते रहे और आरपीएफ का एक सिपाही उनका मोबाइल छीनकर उनकी औकात बताने पर लगा हुआ था और कह रहा था कि मैंने दर्जनों पत्रकारों को जेल भेजा है।

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