आर.के.जोशी
श्री डूंगरगढ़। सिन्धी समाज युवा के मीडिया प्रभारी रवि रिझवानी ने बताया कि आज देश की आजादी के लिए हंसते हंसते फांसी को गले लगाने वाले अमर शहीद हेमू कालाणी की शहादत आज भी युवाओं की रगों में क्रांति का संचार करती है उनको 19 वर्ष की अल्पआयु में 21 जनवरी 2043 को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा फांसी पर चढ़ाया था। शहिद हेमू कालाणी पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई है। इस अवसर पर उपस्थित समाज के लोगों ने कहा कि हेमू कालाणी सिर्फ सिंधी समाज ही नहीं ,बल्कि हर देशभक्त युवा के लिए साहस , त्याग और राष्ट्रप्रेम की अमिट मिसाल है।
*हँसते-हँसते फाँसी को गले लगाने वाला,*
*अमर शहीद हेमू कालाणी—युगों तक प्रेरणा का उजाला।”*
*वीर क्रांतिकारी, अमर शहीद हेमू कालाणीजी*
आज शहिद हेमू कालाणी के 83 वें शहीदी दिवस के अवसर पर शाहिद हेमू कालाणी को विनोद रिझवानी ने माला पहनाकर और तिलक लगाकर श्रद्धांजलि दी। सिन्धी समाज ने शहिद हेमू कालाणी को पुष्प अर्पित किए और मुकेश संगवानी ने नारे लगाए भारत माता कि जय….,शहीद हेमू कालाणी अमर रहे….., देश के शहीद अमर रहे….,वंदे मातरम्… वंदे मातरम्…।











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