आर. के. जोशी हनुमानगढ़। चिकित्सा शिविर समाज के प्रति सेवा, संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल पेश करती है। पीलीबंगा उपखंड अधिकारी उमा मितल एवं जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शंकरलाल सोनी के मार्गदर्शन में दिव्यांग एवं जनकल्याण सेवा समिति द्वारा गुरुवार को जिला चिकित्सालय, हनुमानगढ़ टाउन में दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान दिव्यांगों को दिव्यांग मेडिकल प्रमाण-पत्र, यूडीआईडी कार्ड तथा रोडवेज रियायती यात्रा स्मार्ट कार्ड का लाभ प्रदान किया गया। जिला चिकित्सालय के पूछताछ केंद्र प्रभारी एवं रोगी मित्र नरेन्द्र सिंह राजपूत ने बताया कि समिति के अध्यक्ष एवं समाजसेवी हरबंस लाल सहारण द्वारा लंबे समय से गरीब, असहाय एवं पीड़ित लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा की जा रही है। उनका मानना है कि सेवा ही ध्येय है और मानवता की भलाई ही उनका मुख्य उद्देश्य है।
इसी सेवा भावना को साकार करते हुए समिति द्वारा डबलीराठान, पीलीबंगा, हनुमानगढ़, टिब्बी, रावतसर सहित विभिन्न क्षेत्रों के कुल 23 दिव्यांगजनों को दिव्यांग मेडिकल प्रमाण-पत्र दिलवाकर लाभान्वित किया गया। जिला चिकित्सालय उप-नियंत्रक डॉक्टर अशोक कुमार जांगिड़ की मौजूदगी में गठित मेडिकल बोर्ड टीम द्वारा मौके पर ही सभी आवश्यक चिकित्सीय जांच पूरी की गई। इस टीम में ऑर्थो विशेषज्ञ डॉ. विकास चौधरी, मेडिसिन एमडी डॉ. अजय कुमार जुनेजा, न्यूरोफिजिशियन डॉ. राजेश कुमार यादव, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र कुमार जांगिड़, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. के.एल. किलानियां, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कटेवा, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. संदीप सिहाग एवं डॉ. आदित्य जैन शामिल रहे।
इसके साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 10 दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड तथा राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम हनुमानगढ़ के सहयोग से रोडवेज रियायती यात्रा स्मार्ट कार्ड वितरित किए गए और दिव्यांगों को अधिक से अधिक रोडवेज बसों से यात्रा करने के लिए प्रेरित किया गया। गौरतलब है कि दिव्यांग एवं जनकल्याण सेवा समिति द्वारा निरंतर विभिन्न उपखंड क्षेत्रों में पहुंचकर दिव्यांगों और वृद्धजनों की सहायता की जा रही है, जो निश्चित रूप से सराहनीय प्रयास है। इस पुनीत कार्य में जिला चिकित्सालय उप-नियंत्रक डॉक्टर अशोक कुमार जांगिड़, रोगी मित्र नरेन्द्र सिंह राजपूत, समिति अध्यक्ष हरबंस लाल सहारण, समिति सदस्य हेमंत शाक्य तथा ई-मित्र संचालक कालूराम मोरवाल का विशेष योगदान रहा।











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