हरिद्वार। पंडित प्रकाश नारायण त्रिपाठी शास्त्री सदगृहस्थ ही नहीं अपितु महात्मा भी थे, हनुमान घड़ी मंदिर हरिद्वार के आचार्य डॉक्टर पंडित आनंद बल्लभ जोशी ने उपरोक्त उदगार उत्तराखंड के प्रसिद्ध भागवत आचार्य विचारक आचार्य पंडित प्रकाश नारायण त्रिपाठी शास्त्री के प्रथम एक उद्देश्य श्राद्ध पर्व पर अभिव्यक्त किए। भव्य कार्यक्रम में देहरादून में श्राद्ध पर्व पर स्मृति ग्रंथ प्रकाश पुंज का विमोचन जसमौर रियासत राणा साहब कंवर अतुल्य प्रताप सिंह ब्रिगेडियर सर्विस दत्त डंगवाल तथा वैश्विक योगी दो भोले शंकर डबराल ने संपादित किया कुंवर अतुल्य प्रताप सिंह ने 40 वर्ष पूर्व रियासत में संपन्न भागवत सप्ताह कार्यक्रम का स्मरण करते हुए आचार्य श्री को श्रद्धांजलि प्रदान की। ब्रिगेडियर श्री डंगवाल ने कहा कि मैं जब भी प्रकाश नारायण से मिलता था मुझे वह सतयुगी व्यक्तित्व प्रतीत होते थे।
डॉ भोला शंकर डबराल ने भावपूर्ण स्मरण के साथ शास्त्री जी को अपने पिता ब्रह्मलीन सुंदरलाल का सुन्दरतम शिष्य घोषित किया। हजारों भक्तों के समक्ष एक उद्देश्य कर्मकांडीय उत्तर कम के साथ-साथ गीता पंचरत्न गीत विष्णु सहस्त्रनाम पाठ के साथ साथ संगीत भजन आदि का कार्यक्रम साइन कल तक अनवरत रहा। प्रकाश पुंज स्मृति ग्रंथ की संपादक आचार्य श्री की सुपुत्री डॉक्टर प्रेरणा हिमांशु पांडे ने अतिथियों भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आचार्य श्री पित्र देव के अन्य अभिलेखों को भी श्रृंखला रूप में प्रकाशित किया जाएगा कार्यक्रम में आचार्य श्री ने अतिथियों को शॉल अर्पण कर स्वागत किया गया तथा भक्तों को प्रसाद आशीर्वाद प्रदान किया गया भव्य कार्यक्रम में प्रसिद्ध भागवत आचार्य सुभाष जोशी, दिनेश तिवारी तथा उद्यमी नीरज गोयल, ओपी शर्मा, सीए हिमांशु शर्मा, गिरीश चंद्र जोशी, डॉ मंजू जोशी, डॉ पुष्पा जोशी, श्रीमती वंदना गौंड सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्मृति ग्रंथ प्रकाश पुंज का भव्य विमोचन समारोह हुआ आयोजित











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