एम. पारिक
हरिद्वार। हरिद्वार के वीआईपी घाट के समीप आयोजित भारतीय किसान हरिद्वार। हरिद्वार के वीआईपी घाट के समीप आयोजित भारतीय किसान यूनियन (क्रांति अराजनीतिक) के किसान महाकुंभ एवं चिंतन शिविर के दौरान फिल्मी गानों पर महिला कलाकारों के नृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। वीडियो सामने आने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डांस कार्यक्रम तत्काल बंद कराया और आयोजकों को भविष्य में धार्मिक स्थल की मर्यादा का ध्यान रखने की सख्त हिदायत दी। किसान महाकुंभ में हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में कृषि, गन्ना भुगतान, बिजली, स्मार्ट मीटर, किसान क्रेडिट कार्ड तथा अन्य किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय किसान यूनियन (क्रांति अराजनीतिक) की ओर से प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को आठ सूत्रीय मांगपत्र भी भेजा गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, दर्जाधारी राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, पूर्व भाजपा नेता अजय वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम के समापन के दौरान आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुति में महिला कलाकारों ने फिल्मी गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्यक्रम रुकवा दिया। भारतीय किसान यूनियन (क्रांति अराजनीतिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सैनी ने कहा कि कार्यक्रम में लोक कलाकारों द्वारा रागिनी और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई थीं। वहीं, श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि सभी संगठनों को कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है, लेकिन हरिद्वार जैसे पवित्र तीर्थ क्षेत्र की धार्मिक गरिमा और मर्यादा का हर स्थिति में सम्मान किया जाना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस ने आयोजकों को भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान धार्मिक स्थल की गरिमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।यूनियन (क्रांति अराजनीतिक) के किसान महाकुंभ एवं चिंतन शिविर के दौरान फिल्मी गानों पर महिला कलाकारों के नृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। वीडियो सामने आने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डांस कार्यक्रम तत्काल बंद कराया और आयोजकों को भविष्य में धार्मिक स्थल की मर्यादा का ध्यान रखने की सख्त हिदायत दी। किसान महाकुंभ में हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में कृषि, गन्ना भुगतान, बिजली, स्मार्ट मीटर, किसान क्रेडिट कार्ड तथा अन्य किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय किसान यूनियन (क्रांति अराजनीतिक) की ओर से प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को आठ सूत्रीय मांगपत्र भी भेजा गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, दर्जाधारी राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, पूर्व भाजपा नेता अजय वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम के समापन के दौरान आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुति में महिला कलाकारों ने फिल्मी गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्यक्रम रुकवा दिया। भारतीय किसान यूनियन (क्रांति अराजनीतिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सैनी ने कहा कि कार्यक्रम में लोक कलाकारों द्वारा रागिनी और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई थीं। वहीं, श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि सभी संगठनों को कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है, लेकिन हरिद्वार जैसे पवित्र तीर्थ क्षेत्र की धार्मिक गरिमा और मर्यादा का हर स्थिति में सम्मान किया जाना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि पुलिस ने आयोजकों को भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान धार्मिक स्थल की गरिमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।












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