‘साप्ताहिक अखबारों के संपादक पूंजीपति नहीं’
आईसना ने मुख्यमंत्री के नाम सूचना निदेशक को सौंपा मांग पत्र, न्यूनतम 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग
अमित कुमार
देहरादून। पत्रकार सम्मान पेंशन योजना में संशोधन कर छोटे साप्ताहिक समाचार पत्रों के संपादकों को फिर से शामिल करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। ऑल इंडिया स्मॉल न्यूज पेपर्स एसोसिएशन (आईसना) उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्षा एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना समिति की सदस्य वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती शशि शर्मा ने मंगलवार को सूचना निदेशालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम मांग पत्र सूचना निदेशक बंशीधर तिवारी को सौंपा। मांग पत्र में कहा गया कि पत्रकार पेंशन योजना में वर्ष 2021-22 में किए गए संशोधन के बाद साप्ताहिक समाचार पत्रों के संपादकों को समाचार पत्र का स्वामी, मुद्रक और प्रकाशक होने के आधार पर ‘पूंजीपति’ श्रेणी में रख दिया गया। इसके चलते उन्हें पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के लाभ से बाहर कर दिया गया, जो छोटे समाचार पत्रों के संपादकों के साथ न्यायसंगत नहीं है। श्रीमती शशि शर्मा ने कहा कि 5 से 6 हजार तक प्रसार संख्या वाले साप्ताहिक समाचार पत्रों के संपादकों को योजना में पुनः शामिल किया जाना चाहिए। छोटे समाचार पत्रों के मालिक-संपादक वास्तव में पूंजीपति नहीं होते। सीमित संसाधनों के कारण वे स्वयं ही संपादक, स्वामी, मुद्रक और प्रकाशक की भूमिका निभाते हैं। कई बार समाचार संकलन से लेकर संपादन, प्रकाशन और वितरण तक का कार्य भी उन्हें स्वयं करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के दौरान जनजागरण और लोकमत तैयार करने में साप्ताहिक समाचार पत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य गठन के बाद इन्हीं छोटे समाचार पत्रों और उनके संपादकों की सबसे अधिक उपेक्षा हुई है। एसोसिएशन ने कहा कि किसी समाचार पत्र को मिलने वाले विज्ञापन को ही उसकी आय का आधार नहीं माना जा सकता। समाचार पत्र के संचालन में होने वाले खर्च को भी आय के साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए। छोटे साप्ताहिक समाचार पत्रों के संपादकों का जीवन संघर्ष और अभावों से भरा होता है। ऐसे में वृद्धावस्था में सरकार की ओर से मिलने वाली पेंशन उनके लिए बड़ा सहारा बन सकती है। मांग पत्र में पेंशन राशि को बिहार, पंजाब और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर बढ़ाने अथवा पत्रकार सम्मान पेंशन की न्यूनतम राशि 10 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की गई। बैठक में मौजूद अन्य पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी मांग का समर्थन किया। सूचना निदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि मांग को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक संशोधन और परिवर्तन शीघ्र किए जाने का आश्वासन दिया। इस दौरान आईसना उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्षा श्रीमती शशि शर्मा ने सूचना निदेशक बंशीधर तिवारी, अपर निदेशक आशीष कुमार त्रिपाठी और संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान का आभार व्यक्त किया।












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