धामी कैबिनेट के 15 बड़े फैसले, श्रमिकों, शिक्षा, खेल और आधारभूत ढांचे को मिली नई दिशा

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गौ पालन योजना का दायरा बढ़ा, हाईकोर्ट के लिए भूमि, क्रीड़ा विश्वविद्यालय में 122 नए पदों को मंजूरी

एस. गुप्ता

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने श्रमिक कल्याण, शिक्षा, खेल, न्यायिक व्यवस्था, सहकारिता, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट ने प्रदेश में संचालित गौ पालन योजना का लाभ अब सामान्य वर्ग के लोगों तक भी पहुंचाने का निर्णय लिया। इसके अलावा पर्यटन और औषधीय पौधों के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन क्षेत्रों में उपलब्ध जड़ी-बूटियों के बेहतर उपयोग के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।

श्रमिकों के हितों की सुरक्षा पर विशेष जोर

बैठक में उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को मंजूरी दी गई। इसके तहत संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। नए प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान अनिवार्य होगा तथा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष श्रमिकों को समान वेतन दिया जाएगा।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय

उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश को मंजूरी।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लिए हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में 30 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय।

उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में 122 नए पदों के सृजन को स्वीकृति।

समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास संचालन नियमावली-2026 को मंजूरी।

जल जीवन मिशन की केंद्र सरकार की गाइडलाइन को प्रदेश में लागू करने का निर्णय, जिससे योजनाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया आसान होगी। उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन कर कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी सहकारी समितियों का सदस्य बनने की अनुमति।

मेरठ-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौते को मंजूरी।

उत्तराखंड औद्योगिक नियमावली को स्वीकृति, जिससे नियोजकों और कर्मकारों के बीच बेहतर औद्योगिक संबंध स्थापित होंगे तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था मजबूत होगी।

छंटनी किए गए कर्मचारियों को पुनः रोजगार का अवसर देने का प्रावधान।

वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी, जिसके तहत स्केलर पदों पर भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल के इन निर्णयों से प्रदेश में रोजगार सृजन, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, खेल, औद्योगिक विकास और आधारभूत सुविधाओं को नई गति मिलेगी। साथ ही सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना और उत्तराखंड को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध राज्य के रूप में आगे बढ़ाना है।

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