मंदिर को भारी नुकसान, रेलवे ट्रैक समय रहते साफ; टला बड़ा हादसा
अमित गुप्ता
हरिद्वार। हरिद्वार में रेलवे टनल के समीप पहाड़ी के नीचे स्थित प्राचीन काली मंदिर पर गुरुवार तड़के हुए भूस्खलन से बड़ा हादसा टल गया। रात करीब 2:30 बजे अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और विशाल बोल्डर मंदिर पर आ गिरे, जिससे मंदिर का गुंबद, दीवारें और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के समय मंदिर परिसर में कोई श्रद्धालु या पुजारी मौजूद नहीं था, इसलिए जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी पूरी तरह संतृप्त हो गई थी। हालांकि घटना के समय बारिश नहीं हो रही थी, लेकिन अत्यधिक नमी के चलते अचानक पहाड़ी का हिस्सा खिसक गया और भारी मलबा तथा चट्टानें सीधे मंदिर पर आ गिरीं।
मंदिर के ठीक नीचे रेलवे ट्रैक होने के कारण कुछ समय के लिए रेल सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई। सूचना मिलते ही रेलवे और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल ट्रैक का निरीक्षण कर उस पर गिरे मलबे और पत्थरों को हटाया, जिसके बाद रेल मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया। राहत की बात रही कि इस घटना से किसी भी ट्रेन का संचालन प्रभावित नहीं हुआ और रेल यातायात सामान्य बना रहा। उल्लेखनीय है कि इसी स्थान पर पिछले वर्ष भी भारी भूस्खलन हुआ था, जिससे कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ था। उस समय रेलवे ने पहाड़ी का ट्रीटमेंट कराया था तथा ट्रैक की सुरक्षा के लिए लोहे के सुरक्षा जाल की मरम्मत भी कराई गई थी। इसके बावजूद लगातार बारिश के दौरान इस क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक, नीचे गुजरने वाली सड़क और आसपास की दुकानों की सुरक्षा के लिए स्थायी एवं प्रभावी उपाय किए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।












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