विद्यार्थियों को बताया व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास का महत्व
पी.के.गुप्ता
गयाजी। जगजीवन कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के उद्देश्य, महत्व, प्रक्रिया और इससे मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि इंटर्नशिप विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक रूप में समझने का अवसर प्रदान करती है। इससे विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थी अपने विषय से जुड़े क्षेत्र में अनुभव प्राप्त करने के साथ विशेषज्ञता भी विकसित कर सकते हैं। डॉ. इंतेखाब आलम खान एवं डॉ. राजीव चौधरी ने बताया कि इंटर्नशिप का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा विद्यार्थियों को प्रायोगिक ज्ञान के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि विदेशों में इंटर्नशिप की व्यवस्था लंबे समय से प्रचलित है, जबकि भारत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत इसे उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इससे विद्यार्थियों में रोजगारपरक कौशल विकसित होने के साथ कुशल समाज के निर्माण में भी मदद मिलेगी।डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि चौथे और पांचवें सेमेस्टर के बीच मिलने वाली छुट्टियों में इंटर्नशिप करना विद्यार्थियों के लिए अधिक लाभदायक रहेगा। मगध विश्वविद्यालय में इस वर्ष पहली बार इंटर्नशिप की व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसे लेकर विद्यार्थियों में उत्साह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांचवें सेमेस्टर तक इंटर्नशिप करना अनिवार्य होगा और पूरे पाठ्यक्रम के दौरान विद्यार्थी को यह प्रक्रिया केवल एक बार पूरी करनी होगी। इंटर्नशिप पूरी होने के बाद विद्यार्थियों का मूल्यांकन भी किया जाएगा, जिसमें बाह्य एवं आंतरिक परीक्षकों की भूमिका होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मो. ऐयूब ने कहा कि जिस उत्साह के साथ विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया है, उसी तरह की उपस्थिति और सीखने की जिज्ञासा उन्हें नियमित कक्षाओं में भी दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नए पाठ्यक्रम के अनुरूप नियमित कक्षा में उपस्थित रहने से विद्यार्थियों को अपने विषय के साथ-साथ जीवन और समाज को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से कार्यक्रम में दी गई जानकारी को गंभीरता से अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इसका पालन करना उनकी शैक्षणिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में प्रो. रतिकांत दास, प्रो. पूर्णेंदु कुमार, डॉ. अनुरानी, डॉ. अंकना, डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. शिवकुमार रविदास, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. प्रियंका कुमारी सिन्हा, डॉ. निरुपमा कुमारी, डॉ. सत्येंद्र सिंह चंद्र, डॉ. शोभा सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।












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