पी के गुप्ता
बोधगया। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राजभवन एवं बिहार सरकार के निर्देशानुसार मगध विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय अंतर-छात्रावास खेल प्रतियोगिता का सोमवार को समापन हुआ। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना था।28 से 30 अगस्त तक आयोजित प्रतियोगिता में विभिन्न विभागों एवं छात्रावासों की टीमों के बीच वॉलीबॉल मुकाबले कराए गए। खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतिभा का प्रदर्शन किया। तीन मैचों की श्रृंखला में न्यू छात्रावास संख्या-01 की टीम ने लगातार दो मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज कर सेमीफाइनल और फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करते हुए टीम ने प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम की ओर से कैलाश कुमार, सनोज मांझी, कमलेश कुमार, मनीष कुमार, प्रकाश कुमार, सोनू कुमार, बंटी कुमार, विशाल कुमार, अशोक कुमार, मानस और रवि समेत अन्य खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के बेहतरीन तालमेल, खेल कौशल और टीम भावना ने मुकाबलों को रोमांचक बना दिया। इस अवसर पर मगध विश्वविद्यालय के कुलपति ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन का महत्वपूर्ण माध्यम है। खेलों में भाग लेने से विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास होता है तथा उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। कुलसचिव डॉ. बी.के. मंगलम् ने कहा कि खेल भावना अच्छे चरित्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खेल के दौरान मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से खेल को अनुशासन, सहयोग और सकारात्मक सोच का माध्यम बनाने की अपील की। प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के समन्वयक डॉ. पिंटू कुमार एवं छात्रावास अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार रंजन के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सहयोग और टीम भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में छात्र कल्याण पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार चौधरी, तीनों छात्रावासों के अधीक्षक, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और दर्शक मौजूद रहे। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित प्रतियोगिता ने विश्वविद्यालय में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी पहचान बनाई।












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