फुटप्रिंट वाले मोमेंटो में संजोई जा रही बच्चे के जन्म की पहली याद, दो वर्षों से जारी है अनूठी पहल
पी के गुप्ता
गयाजी। बच्चे के जन्म का पल हर माता-पिता के जीवन का सबसे अनमोल क्षण होता है। इसी खास पल को हमेशा के लिए यादगार बनाने के उद्देश्य से ए.पी. कॉलोनी स्थित राजेश्वर मेटरनिटी एंड सर्जरी हॉस्पिटल ने एक अनूठी पहल शुरू की है। अस्पताल में प्रसव के बाद घर लौटने वाली माताओं को नवजात शिशु के नन्हे पैरों के फुटप्रिंट वाला मोमेंटो उपहार स्वरूप दिया जाता है। यह छोटा-सा उपहार अभिभावकों के लिए भावनाओं से जुड़ी अनमोल स्मृति बन रहा है। अस्पताल के निदेशक सह चिकित्सक डॉ. अनुपम कुमार चौरसिया एवं डॉ. कुमारी आरती की पहल पर यह व्यवस्था पिछले दो वर्षों से लगातार संचालित की जा रही है। डॉ. अनुपम कुमार चौरसिया ने बताया कि पहले कई अभिभावक अपने नवजात बच्चे के फुटप्रिंट की कॉपी अस्पताल प्रबंधन से मांगते थे। अभिभावकों की भावनाओं को देखते हुए फुटप्रिंट को सुरक्षित तरीके से मोमेंटो के रूप में तैयार कर उपहार देने की शुरुआत की गई।
नन्हे पैरों की छाप में बसती है जन्म की पहली याद
डॉ. अनुपम कुमार चौरसिया ने कहा कि बच्चे का जन्म माता-पिता के जीवन का सबसे खास और भावुक पल होता है। नवजात के नन्हे पैरों की छाप उस पल की ऐसी निशानी है, जिसे वर्षों बाद भी देखकर माता-पिता बच्चे के जन्म की पहली याद को महसूस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल चिकित्सा सेवा को मानवीय संवेदनाओं से जोड़ने का एक प्रयास है। अस्पताल में इलाज और प्रसव की चिकित्सकीय प्रक्रिया के साथ अभिभावकों की भावनाओं का भी ध्यान रखने का प्रयास किया जा रहा है।
अभिभावकों को पसंद आ रहा अनूठा उपहार
अस्पताल की इस पहल को अभिभावकों की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनका कहना है कि फुटप्रिंट वाला मोमेंटो महज एक उपहार नहीं, बल्कि उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिन की यादगार निशानी है। इसे वे अपने घर में सहेजकर रखेंगे और आने वाले वर्षों में बच्चों को भी उनके जन्म की यह पहली स्मृति दिखा सकेंगे। अस्पताल प्रबंधन की यह पहल चिकित्सा सेवा के साथ ममता, संवेदना और भावनात्मक जुड़ाव को जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में सामने आई।












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