नोहर में रेल सुविधाओं की अनदेखी पर बढ़ा आक्रोश, संयुक्त आंदोलन की चेतावनी

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व्यापारिक व सामाजिक संगठनों ने बनाई रणनीति, रेल मंत्री तक पहुंचाई जाएगी क्षेत्र की आवाज

आर. के. जोशी

नोहर। हनुमानगढ़–सादुलपुर रेलखंड पर लंबे समय से रेल सुविधाओं की अनदेखी और कथित भेदभाव को लेकर क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है। इसी मुद्दे पर आज संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री राजेन्द्र कन्दोई, नोहर रेल विकास संघ के अध्यक्ष आर. के. जोशी तथा भैरव नंदन करवा के बीच बैठक हुई, जिसमें क्षेत्र की रेल समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर उन्हें रेल मंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने की रणनीति बनाई गई। बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हनुमानगढ़–सादुलपुर रेलखंड के यात्रियों के साथ लगातार उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। वर्षों से मांग उठने के बावजूद इस क्षेत्र को आवश्यक रेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री राजेन्द्र कन्दोई ने कहा कि यदि क्षेत्र की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो जिला रेल यात्री वेलफेयर एसोसिएशन, संयुक्त व्यापार संघ, नोहर रेल विकास संघ, ऐलनाबाद रेल संघर्ष समिति तथा क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संस्थाओं के सहयोग से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

बैठक में उठीं प्रमुख मांगें

बैठक में रेल मंत्रालय के समक्ष रखी जाने वाली कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी। इनमें प्रमुख रूप से—

हनुमानगढ़–सादुलपुर रेलखंड के साथ हो रहे कथित भेदभाव को तत्काल समाप्त किया जाए।

बीकानेर, जोधपुर और दिल्ली के लिए सुपरफास्ट रेल सेवाएं शुरू की जाएं।

जयपुर के लिए यात्रियों, विद्यार्थियों और व्यापारियों की सुविधा के अनुरूप समय वाली ट्रेनें चलाई जाएं।

ट्रेनों की समय-सारिणी को क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार पुनर्निर्धारित किया जाए।

दिन के समय प्लेटफॉर्म पर कई घंटों तक ट्रेनों का अभाव समाप्त कर नई रेल सेवाएं शुरू की जाएं।

नोहर रेल विकास संघ के प्रतिनिधि भैरव नंदन करवा ने कहा कि जयपुर के लिए सुविधाजनक समय पर ट्रेन सेवा शुरू होना क्षेत्र की प्रमुख आवश्यकता है। वहीं संघ के अध्यक्ष आर. के. जोशी ने कहा कि गोगामेड़ी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल वाले इस रेलखंड की लगातार उपेक्षा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि व्यापारी, विद्यार्थी, कर्मचारी, मरीज और आम नागरिक लंबे समय से बेहतर रेल सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्र की सभी प्रमुख संस्थाओं को साथ लेकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, ताकि हनुमानगढ़–सादुलपुर रेलखंड को उसका उचित रेल अधिकार मिल सके।

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