गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में नियुक्तियों पर उठे सवाल, नियमों की अनदेखी और भाई-भतीजावाद के आरोप

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बी.के.शास्त्री

हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), हरिद्वार में हाल ही में हुई नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों और संबंधित पक्षों का आरोप है कि नियुक्तियों में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया तथा पूरी प्रक्रिया पर भाई-भतीजावाद हावी रहा। आरोप है कि वर्तमान में कार्यवाहक (Interim) कुलपति के रूप में कार्यरत प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा के अधिकार क्षेत्र को लेकर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं। आरोप लगाने वालों का कहना है कि कार्यवाहक कुलपति को स्थायी नियुक्तियों अथवा संविदा पदों के लिए साक्षात्कार आयोजित कराने का अधिकार नहीं है। इसके बावजूद संविदा पदों के लिए साक्षात्कार कराए गए, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हुआ है। विशेष रूप से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की नियुक्तियों को लेकर भी असंतोष सामने आया है। आरोप है कि विभाग के कई अनुभवी शिक्षकों को हटाकर एक नए उम्मीदवार को नियुक्त करने का रास्ता बनाया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उक्त उम्मीदवार प्रशासन से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति का पुत्र है, जिसके चलते पूरी प्रक्रिया पर भाई-भतीजावाद के आरोप लग रहे हैं। आरोप लगाने वालों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी की जा रही है तथा पारदर्शिता और योग्यता के स्थान पर व्यक्तिगत संबंधों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका यह भी कहना है कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख और संस्थागत विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। 

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