89 पशुपालकों को मिला लाभ, गाय-भैंस से लेकर बकरी और मुर्गियों की हुई जांच
पी. के. गुप्ता
नरकटियागंज। इंडो-नेपाल सीमा की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली 44वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), नरकटियागंज ने सुरक्षा के साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की दिशा में पहल करते हुए सीमावर्ती गांवों में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी के मार्गदर्शन में वाहिनी के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत ई समवाय मंगूराहा की बाह्य सीमा चौकी जम्होली के वाइब्रेंट विलेज जम्होली तथा बाह्य सीमा चौकी पीरारी के वाइब्रेंट विलेज मंडीहा में शिविर लगाए गए। शिविर के दौरान जम्होली गांव में 38 पशुपालकों के 264 पशुओं तथा मंडीहा गांव में 51 पशुपालकों के 259 पशुओं की निःशुल्क जांच की गई। दोनों गांवों में कुल 89 पशुपालकों के 523 पशुओं को इस चिकित्सा शिविर का लाभ मिला। जांच किए गए पशुओं में गाय, भैंस, बकरी और मुर्गियां शामिल रहीं।
पशुपालकों को बांटी गईं आवश्यक दवाइयां
शिविर में डॉ. कुमारी गीता, सहायक कमांडेंट एवं पशु चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्रक मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल, मुजफ्फरपुर ने पशुओं की जांच की। जांच के बाद पशुपालकों को आवश्यक दवाइयां भी निःशुल्क वितरित की गईं। इस दौरान ग्रामीणों को पशुओं के खान-पान, रहन-सहन और नियमित देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पशुपालकों को पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए उचित प्रबंधन अपनाने तथा समय-समय पर पशुओं की स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह भी दी गई।
सीमावर्ती ग्रामीणों के बीच बढ़ रहा विश्वास
कार्यक्रम में सहायक कमांडेंट परिमल मंडल, उप निरीक्षक पवित्रा कुमार, उप निरीक्षक लबजन गोलसौन, मुख्य आरक्षी/वेटी योगेंद्र कुमार एवं आरक्षी/वेटी ख्यालीराम सैनी सहित एसएसबी के जवान मौजूद रहे। एसएसबी की ओर से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में समय-समय पर स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और अन्य सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सीमावर्ती ग्रामीणों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके बीच सुरक्षा बल के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया जा रहा है।












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