रमेश राम
लोहाघाट/चम्पावत। चम्पावत जनपद के लोहाघाट क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया। मरोराखान के समीप धारचूला से टनकपुर की ओर जा रही रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में बस चालक बेनीराम थ्वाल की मौत हो गई, जबकि बस में सवार सभी 34 यात्रियों की जान बच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए थे। सामने गहरी खाई होने के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई। ऐसे संकटपूर्ण समय में चालक बेनीराम थ्वाल ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को खाई में गिरने से बचाने के लिए उसे पहाड़ी से टकरा दिया। चालक के इस फैसले से बस में सवार 34 यात्रियों की जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस को नियंत्रित करने के प्रयास के दौरान चालक बस के टायर की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस और प्रशासन की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। एक ओर जहां 34 परिवारों के सदस्य सुरक्षित अपने घर लौटने की उम्मीद बनाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर एक कर्तव्यनिष्ठ चालक ने अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। स्थानीय लोग और यात्री चालक बेनीराम थ्वाल की बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता को सलाम कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि चालक ने अंतिम क्षणों में साहसिक निर्णय न लिया होता तो यह हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था। फिलहाल चालक के शव को उपजिला अस्पताल लोहाघाट की मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस और प्रशासन दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि कई बार कुछ लोग अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए स्वयं का जीवन दांव पर लगा देते हैं। चालक बेनीराम थ्वाल का यह बलिदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
“अपनी जान देकर 34 परिवारों के चिराग बुझने से बचा गया। सलाम उस चालक को, जिसने आखिरी सांस तक अपना फर्ज निभाया।”











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