पतंजलि मॉडल की सराहना, इंडोनेशिया में योग, आयुर्वेद और अनुसंधान के विस्तार पर सहमति
अमित कुमार
इंडोनेशिया/बाली। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण के इंडोनेशिया प्रवास के दौरान बाली प्रांत में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने बाली प्रांत के विधानसभा अध्यक्ष देवा मादे महायाद्न्या (Mr. Dewa Made Mahayadnya) तथा विधायक डॉ. सोमवीर से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। बाली विधानसभा अध्यक्ष ने आचार्य बालकृष्ण का राजकीय अतिथि के रूप में स्वागत करते हुए उनके सम्मान में विशेष आतिथ्य की व्यवस्था की। उन्होंने आचार्य जी को हर्बल उद्यान का भ्रमण भी कराया और क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी। बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष देवा मादे महायाद्न्या ने कहा कि पतंजलि योगपीठ का विकास मॉडल आज विश्वभर के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है।
उन्होंने कहा कि पतंजलि शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी और अनुसंधान जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने बाली में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि क्षेत्र में पतंजलि के साथ मिलकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। इस पर आचार्य बालकृष्ण ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों पक्षों के साझा प्रयासों से भविष्य में बड़े स्तर पर जनहितकारी कार्य किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सहयोग से दोनों देशों के लोगों को लाभ मिलेगा और नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि योगपीठ के सेवा कार्य आज विश्व स्तर पर एक उदाहरण बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया में योग, आयुर्वेद, शिक्षा, चिकित्सा, कृषि और अनुसंधान के क्षेत्र में नवाचार आधारित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना है। इससे न केवल स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि पतंजलि आने वाले समय में इंडोनेशिया में अपने सेवा कार्यों का विस्तार करेगा, जिससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने हर्बल उद्यान का भ्रमण कर वहां की औषधीय वनस्पतियों और प्राकृतिक संसाधनों का अवलोकन भी किया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और इंडोनेशिया के बीच पारंपरिक ज्ञान, प्राकृतिक चिकित्सा, जैविक कृषि और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।











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