कलम से राष्ट्रसेवा का संकल्प, निष्पक्ष पत्रकारिता की मिसाल बने प्रकाश कुमार
पी.के.गुप्ता
गया। पत्रकारिता केवल खबरों को लिखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था के बीच संवाद का सशक्त सेतु भी है। जब खबरों की भीड़ में सच्चाई और तथ्य को सामने लाना चुनौती बन जाए, तब कुछ पत्रकार अपनी निष्पक्षता, समर्पण और साहस के बल पर अलग पहचान बनाते हैं। गया के पत्रकार प्रकाश कुमार ऐसे ही पत्रकारों में शामिल हैं, जिन्होंने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि जनसेवा और राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया है। तथ्यपरक, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से प्रकाश कुमार ने समाज, सेना और अर्द्धसैनिक बलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया है। गया जिले के नवागढ़ी, पोस्ट चांदचौरा, थाना विष्णुपद निवासी प्रकाश कुमार की प्रारंभिक शिक्षा टी मॉडल इंटर स्कूल, गया से हुई। इसके बाद उन्होंने मगध विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। शिक्षा के साथ-साथ उनमें अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रप्रेम की भावना भी विकसित हुई, जिसने उनके व्यक्तित्व और पत्रकारिता को नई दिशा दी। प्रकाश कुमार ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत हिंदी दैनिक ‘आज’ के संवाददाता के रूप में की। मेहनत, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के कारण उन्होंने पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्तमान में वे हिंदी दैनिक ‘राष्ट्रीय सागर’ में गया जिला ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के ‘सी’ प्रमाणपत्र धारक रहे प्रकाश कुमार को सेना और सुरक्षा बलों के कार्यों को करीब से समझने का अवसर मिला।
एनसीसी से मिले अनुभवों का प्रभाव उनकी पत्रकारिता में भी दिखाई देता है। उनकी रिपोर्टिंग में सुरक्षा बलों के शौर्य, त्याग, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में योगदान का तथ्यपरक एवं संवेदनशील चित्रण देखने को मिलता है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों ने भी सम्मानित किया है। हाल ही में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए), गया के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल ने उन्हें स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अलावा सेना भर्ती कार्यालय, गया के निदेशक कर्नल तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर के कमांडिंग ऑफिसर द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) जैसी प्रतिष्ठित सुरक्षा एजेंसियों ने भी समय-समय पर उनके पत्रकारिता योगदान को सम्मान और प्रशस्ति-पत्र देकर मान्यता दी है। सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने में भी प्रकाश कुमार की भूमिका उल्लेखनीय रही है। उन्होंने समाचारों, विशेष रिपोर्टों और जनहित से जुड़े आलेखों के माध्यम से सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जनकल्याणकारी कार्यों, साहसिक अभियानों तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को समाज के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी लेखनी ने सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच विश्वास और सम्मान के रिश्ते को मजबूत करने में योगदान दिया है। प्रकाश कुमार का मानना है कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संकलन नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था के बीच एक मजबूत सेतु है। पत्रकार का दायित्व केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना, सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और जनहित व राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने लाना भी है। आज पत्रकारिता अनेक चुनौतियों और प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में प्रकाश कुमार अपनी संतुलित, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। उनकी निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें पाठकों, सामाजिक संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच एक सम्मानित और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। प्रकाश कुमार की उपलब्धियां गया जिले के साथ-साथ बिहार के पत्रकारिता जगत के लिए भी गौरव का विषय हैं। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि लक्ष्य स्पष्ट हो, सोच सकारात्मक हो और कार्य के प्रति समर्पण हो तो मेहनत और ईमानदारी के बल पर असाधारण पहचान बनाई जा सकती है। उनकी प्रेरणादायी यात्रा आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।












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