प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, विद्या भारती की शिक्षा पद्धति की सराहना
मुख्यमंत्री ने आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का किया लोकार्पण
अमित कुमार
हरिद्वार/रुड़की। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखंड के तत्वावधान में आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका, रुड़की में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता यह साबित करती है कि परिश्रम, अनुशासन और संस्कार के बल पर जीवन में किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा और उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री ने विद्या भारती की शिक्षा पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा के माध्यम से देश में शिक्षा और संस्कार की मजबूत नींव रखी है।
वर्ष 1952 में गोरखपुर से प्रारंभ हुआ सरस्वती शिशु मंदिर आज विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। वर्तमान में विद्या भारती देशभर में लगभग 13 हजार औपचारिक और 12 हजार अनौपचारिक विद्यालयों के माध्यम से करीब 45 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान कर रही है। उत्तराखंड में भी 562 विद्यालयों में लगभग सवा लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने संगठन के आचार्यों, स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
नई शिक्षा नीति से शिक्षा व्यवस्था को बनाया आधुनिक और रोजगारपरक
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड नई शिक्षा नीति लागू करने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, जूते और बैग वितरण, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, भारत भ्रमण कार्यक्रम, मॉडल कॉलेज, आईटी लैब और छात्रावास निर्माण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘कौशलम्’ कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीएससी, एनडीए और सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को आगे की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता भी दी जा रही है।
युवा ही भारत के वर्तमान और भविष्य : धामी
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि युवा भारत के वर्तमान और भविष्य हैं। उनके ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता के बल पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।कार्यक्रम में अध्यक्ष आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर रुड़की कौशल्या देवी आर्या, विद्या भारती के केंद्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू, भारतीय शिक्षा समिति के मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ला, आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, रुड़की की मेयर अनीता अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, राज्यमंत्री श्यामवीर सिंह सैनी, दिनेश कौशिक, अजीत चौधरी, आदेश सैनी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, भगवानपुर के उप जिलाधिकारी देवेंद्र नेगी सहित विभिन्न जिलों से आए अभिभावक, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।












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