पतंजलि योगपीठ में ध्वजारोहण, स्वामी रामदेव ने दिलाया विकसित और नशामुक्त भारत का संकल्प

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अमित कुमार

हरिद्वार। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पतंजलि योगपीठ में राष्ट्रभक्ति और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। पतंजलि योगपीठ के परमाध्यक्ष एवं पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव तथा महामंत्री एवं पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने पतंजलि वेलनेस, पतंजलि योगपीठ-2 स्थित योगभवन में ध्वजारोहण किया। इसके बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। स्वामी रामदेव ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर-वीरांगनाओं को नमन करते हुए कहा कि लाखों लोगों के बलिदान से देश को आजादी मिली है। अब प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि भारत को आर्थिक, आध्यात्मिक और राजनीतिक रूप से विश्व की श्रेष्ठ शक्ति बनाने में योगदान दे। उन्होंने कहा कि देश किसी राजनीतिक दल, सत्ता में बैठे लोगों या जनप्रतिनिधियों का नहीं, बल्कि 145 करोड़ भारतवासियों का है। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को अधिकार दिए हैं और इन अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन भी जरूरी है।

विश्व की श्रेष्ठ अर्थव्यवस्था और शिक्षा-चिकित्सा व्यवस्था का आह्वान

स्वामी रामदेव ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को संवैधानिक, लोकतांत्रिक, मानवीय और आध्यात्मिक मूल्यों का पालन करते हुए ऐसा आचरण करना चाहिए कि भारतीय नागरिक विश्व के लिए आदर्श बने। भारत की अर्थव्यवस्था, शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को विश्व में सर्वोत्तम बनाने के साथ देश की जीवन पद्धति और चरित्र को भी आदर्श बनाने की आवश्यकता है। यही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण का मार्ग है।

नफरत की दीवारें तोड़ने का संकल्प लें

उन्होंने कहा कि देश में सड़कों से लेकर संसद तक घृणा और नफरत का वातावरण चिंता का विषय है। जाति, धर्म और राजनीतिक विचारधाराओं के नाम पर बढ़ते वैमनस्य को समाप्त करना होगा। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों से आपसी भाईचारा बढ़ाने और नफरत की दीवारें तोड़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया।स्वामी रामदेव ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक, संवैधानिक और मानवीय मूल्यों के साथ संघर्ष करना चाहिए, लेकिन अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है।

नशामुक्त भारत बनाने का आह्वान

स्वामी रामदेव ने नशामुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि बीड़ी, सिगरेट, शराब और अन्य नशीले पदार्थों को स्वतंत्रता का प्रतीक मानना गलत है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि देश को रोगमुक्त, नशामुक्त और बुराइयों से मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें गालीबाज नहीं, बल्कि हुनरबाज बनना है। युवाओं को ज्ञानवान, शीलवान और चरित्रवान बनकर देश के निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार, बेईमानी और पेपर लीक जैसी समस्याओं को समाप्त कर सभी युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

आर्थिक, शैक्षिक और वैचारिक आत्मनिर्भरता पर जोर

स्वामी रामदेव ने कहा कि राजनीतिक आजादी के बाद देश को आर्थिक, शैक्षिक, चिकित्सा, वैचारिक और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना होगा। पतंजलि भारतीय शिक्षा बोर्ड, योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वदेशी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस दिन भारत शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर अपनी मजबूत व्यवस्था खड़ी कर लेगा, उस दिन पूर्ण स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम पूरा होगा।

राष्ट्रीय पर्वों पर उपवास का आह्वान

स्वामी रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर उपवास रखने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों को आत्मचिंतन और राष्ट्र आराधना के रूप में मनाया जाना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को विचार करना चाहिए कि वह ऐसा कोई कार्य न करे जिससे देश और भारत माता को लज्जित होना पड़े।

‘अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी बोध जरूरी’

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि अधिकारों की चिंता तो सभी करते हैं, लेकिन अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को अक्सर भूल जाते हैं। शिक्षा, चिकित्सा और संस्कृति सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को बेहतर किए बिना भ्रष्टाचार, अनाचार और सामाजिक विकृतियों को समाप्त करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाए तो भारत शीघ्र ही विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने राष्ट्रीय पर्वों पर उपवास के विचार को आत्मचिंतन से जोड़ते हुए कहा कि इससे व्यक्ति अपनी कमियों पर विचार कर उन्हें सुधारने की प्रेरणा प्राप्त कर सकता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

कार्यक्रम में पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम् और पतंजलि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं सहित पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क तथा पतंजलि फूड्स लिमिटेड के कर्मचारियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति की भावना का संचार किया। इस अवसर पर पतंजलि से जुड़ी विभिन्न इकाइयों के प्रमुख, शैक्षणिक संस्थानों के अधिकारी, कर्मयोगी, छात्र-छात्राएं तथा पतंजलि संन्यासाश्रम की साध्वी बहनें और संन्यासी भाई उपस्थित रहे।

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