लगातार बारिश के बीच हुआ हादसा, घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया; शेड की सुरक्षा और रखरखाव पर उठे सवाल
आर. के. जोशी
दार्जिलिंग। दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन पर टॉय ट्रेन के लोको शेड का एक हिस्सा अचानक ढह जाने से सात रेलकर्मी घायल हो गए। हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घायलों को उपचार के लिए दार्जिलिंग जिला अस्पताल ले जाया गया है। इंडियन एक्सप्रेस बांग्ला की रिपोर्ट के अनुसार, हादसा आज सुबह करीब 8:50 बजे लगातार हो रही बारिश के बीच हुआ। बताया गया है कि लोको शेड की छत का एक हिस्सा अचानक गिर गया। घायलों में एक संविदाकर्मी भी शामिल है। हादसे के समय शेड में टॉय ट्रेन के चार भाप इंजन मौजूद थे। दुर्घटना के कारण चार जॉय राइड भी रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि,अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शेड का हिस्सा गिरने से वहां खड़े भाप इंजनों को कितना नुकसान पहुंचा है।
लोको शेड रेलवे के लिए बेहद महत्वपूर्ण कार्यस्थल होता है। यहां ट्रेनों के इंजनों की नियमित देखभाल,निरीक्षण और मरम्मत का कार्य किया जाता है। ऐसे स्थान पर भवन की छत या संरचना का हिस्सा गिरना कर्मचारियों की सुरक्षा और शेड के रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से के साथ-साथ पूरे शेड की संरचनात्मक मजबूती की जांच किया जाना जरूरी है। विशेष रूप से लगातार बारिश के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में रेलवे परिसरों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता होती है। फिलहाल घायलों की चोटों की गंभीरता,भाप इंजनों को हुए नुकसान और हादसे से हुई आर्थिक क्षति का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। शेड का हिस्सा गिरने के पीछे संरचनात्मक कमजोरी, बारिश का प्रभाव या रखरखाव में किसी तरह की कमी जिम्मेदार थी, इसका पता तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। इस घटना ने दार्जिलिंग हिमालयी क्षेत्र में रेलवे की पुरानी संरचनाओं की नियमित जांच,समय पर मरम्मत और मानसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता से समीक्षा की जरूरत को सामने ला दिया है।











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