फोर्टिफाइड फूड लोगो के इस्तेमाल और हेल्थ क्लेम पर उठे सवाल, दस्तावेजों के साथ मांगा जवाब
लेबल से लेकर ऑनलाइन बिक्री तक जांच में मिली अनियमितताएं, अर्चना पूरण सिंह से भी मांगा विज्ञापन समझौता
विपुल अग्रवाल
हरिद्वार। खाद्य तेल के नाम पर ग्राहकों को कथित तौर पर भ्रामक जानकारी और स्वास्थ्य संबंधी दावों से प्रभावित करने के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। विभाग की जांच में प्रीत लाइट गोल्ड मल्टी सोर्स एडिबल ऑयल के लेबल, विज्ञापन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित उत्पाद संबंधी जानकारियों में अनियमितताएं सामने आने के बाद निर्माता कंपनी, अमेजन और अभिनेत्री अर्चना पूरण सिंह को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सहायक आयुक्त एवं अभिहित अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने खाद्य तेल का नमूना प्रयोगशाला जांच के लिए लिया था। जांच के दौरान उत्पाद के लेबल पर अभिनेत्री अर्चना पूरण सिंह की तस्वीर के साथ ‘खाना बनाओ, स्वाद पाओ’ टैगलाइन के जरिए उत्पाद का प्रचार किया जाना पाया गया। लेबल पर फोर्टिफाइड फूड का लोगो भी प्रदर्शित था।
बिना प्रमाणन फोर्टिफाइड लोगो लगाने का आरोप
विभागीय जांच में आरोप है कि निर्माता कंपनी मैसर्स तपन एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, आगरा ने एफएसएसएआई से फूड फोर्टिफाइड लोगो का आवश्यक प्रमाणन कराए बिना ही इसका इस्तेमाल किया। इसके अलावा खाद्य तेल के लेबल पर विभिन्न क्लेम और हेल्थ क्लेम किए गए हैं। विभाग ने कंपनी से इन दावों के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण और स्पष्टीकरण मांगा है। कंपनी से अभिनेत्री के साथ किए गए विज्ञापन एवं इंडोर्समेंट की शर्तों तथा सहमति पत्र की प्रतियां भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
अर्चना पूरण सिंह से भी मांगा समझौते का ब्यौरा
अभिनेत्री अर्चना पूरण सिंह को जारी नोटिस में उत्पाद के विज्ञापन और इंडोर्समेंट से संबंधित एग्रीमेंट, सहमति पत्र और किए गए दावों का आधार प्रस्तुत करने को कहा गया है। विभाग ने उत्पाद के लेबल पर उनके फोटो के इस्तेमाल तथा फोर्टिफाइड फूड लोगो और ऑनलाइन प्रदर्शित जानकारी के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा है।
अमेजन पर भी अतिशयोक्तिपूर्ण दावों का आरोप
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मैसर्स अमेजन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, हुबली, कर्नाटक को भी नोटिस जारी किया है। विभाग के अनुसार अमेजन के माध्यम से उक्त खाद्य तेल ऑनलाइन बेचा जा रहा था और वेबसाइट पर उत्पाद की जानकारी अतिशयोक्तिपूर्ण दावों एवं कथित गलत जानकारियों के साथ प्रदर्शित की गई। कंपनी से वेबसाइट पर प्रदर्शित दावों के संबंध में दस्तावेजों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य उत्पादों के लेबल, विज्ञापन, स्वास्थ्य संबंधी दावों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर दी जा रही उत्पाद जानकारी की निगरानी को लेकर सख्ती का संकेत मिला है।












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