अमित कुमार
हरिद्वार। उत्तराखंड के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए), नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (एनएसवीआई) और नेस्ले इंडिया के संयुक्त प्रयासों से राज्य में ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना का विस्तार किया गया है। इस पहल के तहत राज्य के आठ जिलों में 1500 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।परियोजना के विस्तार के बाद उत्तराखंड में प्रशिक्षित स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की कुल संख्या बढ़कर 5900 से अधिक हो जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन एनएसवीआई द्वारा किया जाएगा, जिसके अंतर्गत देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल सहित विभिन्न जिलों के स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में एफडीए के उपायुक्त गणेश कंडवाल, अपर आयुक्त ताज बार सिंह, हरिद्वार के सहायक आयुक्त एम.एन. जोशी, आर.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार तथा नेस्ले इंडिया की पंतनगर इकाई के फैक्ट्री मैनेजर अमित दुग्गल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना के माध्यम से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य प्रबंधन, अपशिष्ट निपटान और उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं। इससे न केवल खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार होता है, बल्कि विक्रेताओं के व्यवसाय को भी मजबूती मिलती है। नेस्ले इंडिया के सस्टेनेबिलिटी एवं सामाजिक पहल विभाग के प्रमुख कुंवर हिम्मत सिंह ने कहा कि कंपनी केवल अपने उत्पादों तक सीमित न रहकर पूरे देश में खाद्य सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना के तहत स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी जागरूकता और कौशल दोनों को सशक्त बनाया जा रहा है।उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना का विस्तार न केवल विक्रेताओं के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएगा, बल्कि उनके व्यवसाय के विकास और स्थिरता को भी बढ़ावा देगा। गौरतलब है कि नेस्ले इंडिया ने वर्ष 2016 में ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना की शुरुआत की थी। तब से अब तक यह पहल देश के 27 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित की जा चुकी है, जिससे 1.20 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेता लाभान्वित हो चुके हैं। परियोजना के माध्यम से देशभर में सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।











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