आर. के. जोशी
दार्जिलिंग। दार्जिलिंग के पहाड़ी क्षेत्र में राजस्थान का प्रसिद्ध और पारंपरिक त्यौहार गणगौर इस वर्ष भी बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। राजस्थान से दूर होने के बावजूद यहां रह रहे राजस्थानी समाज की महिलाओं ने अपनी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखते हुए पूरे रीति-रिवाज के साथ माता गणगौर की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा धारण कर गणगौर माता की प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन किया।
पूजा के बाद महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत गाए और उत्सव का आनंद लिया। पूरे माहौल में राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिली और वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने बताया कि गणगौर पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। यह पर्व विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, वहीं कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए माता गणगौर से प्रार्थना करती हैं। इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं और सभी ने मिलकर इस पर्व को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में कृष्णा, बबीता, मीतू, प्रभा, कुसुम, बेला, अनीता, सिम्पल, सुशीला, जया, संगीता, अनीता, उमा एवं अन्य महिलाएं मौजूद रहीं। इस तरह दार्जिलिंग जैसे दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र में भी राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का यह सुंदर प्रयास देखने को मिला।











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