सोमवती अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब, कुंभ-2027 की तैयारियों को परखने का बना महत्वपूर्ण अवसर

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मेलाधिकारी सोनिका ने किया केंद्रीयकृत नियंत्रण एवं निगरानी व्यवस्था का निरीक्षण

वाणी

हरिद्वार। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हरकी पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मेला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। इस अवसर पर मेलाधिकारी सोनिका ने मेला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ मेला नियंत्रण भवन स्थित केंद्रीयकृत नियंत्रण कक्ष (सीसीआर) का निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीआर टावर से हरकी पैड़ी एवं आसपास के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ के दबाव तथा यातायात व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने सीसीटीवी नेटवर्क, भीड़ निगरानी प्रणाली, यातायात नियंत्रण तंत्र तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय व्यवस्था की समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशील स्थलों पर भीड़ के घनत्व, श्रद्धालुओं की आवाजाही के रुझान और व्यवस्थाओं की प्रभाव शीलता से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सोनिका ने कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाले प्रमुख स्नान पर्व केवल धार्मिक महत्व के आयोजन नहीं हैं, बल्कि आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों का आकलन करने और व्यवस्थाओं को परखने के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर हैं। इन अवसरों पर वास्तविक परिस्थितियों में व्यवस्थाओं की कार्यक्षमता का परीक्षण किया जा रहा है, जिससे भविष्य की चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाकर प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने बताया कि मेला प्रशासन स्नान पर्वों के दौरान प्राप्त आंकड़ों और अनुभवों का व्यवस्थित विश्लेषण कर रहा है। विशेष रूप से यह अध्ययन किया जा रहा है कि किन स्थानों और समयों पर सर्वाधिक भीड़ का दबाव बनता है, श्रद्धालुओं की आवाजाही के प्रमुख मार्ग कौन-कौन से हैं, आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया समय कितना है तथा यातायात संचालन को और अधिक सुगम बनाने के लिए किन सुधारों की आवश्यकता है। मेलाधिकारी ने कहा कि आगामी कुंभ मेले के लिए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली, रियल टाइम क्राउड एनालिटिक्स, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वित संचालन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

प्रत्येक बड़े स्नान पर्व से प्राप्त फीडबैक को योजनाओं में शामिल कर व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला विश्व के सबसे विशाल आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और निर्बाध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मेला प्रशासन लगातार तैयारियों की समीक्षा और मूल्यांकन कर रहा है, ताकि कुंभ-2027 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर पुलिस अधीक्षक (संचार) विपिन कुमार सहित मेला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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