मेले के दौरान प्रशासन और पुलिस की चप्पे-चप्पे पर नजर, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाएं रहीं दुरुस्त
अमित कुमार
हरिद्वार। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हरकी पैड़ी, ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट, सुभाष घाट, कुशा घाट सहित सभी प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे शहर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।
स्नान पर्व के सफल एवं सुरक्षित संचालन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं विभिन्न घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर में नोडल अधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।
सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित न होने पाए और श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारु रूप से संचालित होता रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र पर लगातार नजर रखी गई। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीमों और एम्बुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया था। घाटों पर बैरिकेडिंग, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली तथा दिशा-निर्देशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार मार्गदर्शन दिया जाता रहा।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। विभिन्न मार्गों पर आवश्यकतानुसार डायवर्जन व्यवस्था लागू की गई तथा वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल बनाए गए। बाहरी जनपदों और राज्यों से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रोका गया, जहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवाओं के माध्यम से गंगा घाटों तक पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्नान पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए। प्रशासन की सजगता, प्रभावी समन्वय और सुरक्षा प्रबंधों के चलते सोमवती अमावस्या का स्नान पर्व शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।











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