ग्राम पंचायतों को तैयार करनी होगी कार्ययोजना, सुरक्षित कूड़ा निस्तारण स्थलों की होगी पहचान
अमित गुप्ता
हरिद्वार। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) एवं सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और विकास खंड अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत बनाया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का प्रत्येक विकास खंड में प्रभावी अनुपालन किया जाए। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षित कूड़ा संग्रहण स्थलों की पहचान कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक एवं अन्य प्रकार के अपशिष्टों की पहचान कर उनके वैज्ञानिक प्रबंधन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल सामान्य कचरे के निस्तारण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्लास्टिक कचरे सहित अन्य विशेष प्रकार के अपशिष्टों के सुरक्षित संग्रहण एवं निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों को जल्द ही प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्राम पंचायतों को बनानी होगी विस्तृत कार्ययोजना
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर मुख्यालय स्थित स्वच्छता कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएं। इन योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और उनके क्रियान्वयन की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। बैठक में डॉ. मिश्र ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन में जनजागरूकता, संसाधनों की उपलब्धता और ग्राम स्तर पर कार्यान्वयन क्षमता जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों से इन समस्याओं का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम समय रहते उठाए जा सकें।












Leave a Reply