नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति की बैठक में आरआईडीएफ के तहत अधिक से अधिक परियोजनाएं शामिल करने पर जोर
एस. गुप्ता
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन्होंने ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत अधिक से अधिक परियोजनाओं को शामिल करने के निर्देश देते हुए सभी विभागों से अपने प्रस्ताव अगले तीन दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। मुख्य सचिव ने कहा कि गतिमान परियोजनाओं की प्रतिपूर्ति के लिए भी विभाग शीघ्र प्रस्ताव अपलोड करें, ताकि समय पर धनराशि जारी की जा सके। उन्होंने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए विभागीय सचिवों को ऐसे कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब सभी विभाग एकीकृत दृष्टिकोण अपनाते हुए आपसी समन्वय से परियोजनाएं तैयार करेंगे। विशेष रूप से कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में क्लस्टर आधारित बड़े प्रोजेक्ट तैयार करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एक ही परियोजना के अंतर्गत कोल्ड चेन, भंडारण, परिवहन एवं अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएं। मुख्य सचिव ने नाबार्ड से तकनीकी एवं विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नाबार्ड को गतिशक्ति पोर्टल का एक्सेस उपलब्ध कराया जाए, ताकि विभिन्न परियोजनाओं का अध्ययन कर चार से पांच क्षेत्रों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित कर समग्र विकास योजना तैयार की जा सके। इस पर नाबार्ड ने शीघ्र विशेषज्ञ टीम गठित करने का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्य सचिव ने उद्यान विभाग को पॉलीहाउस परियोजनाओं की नियमित सचिव स्तर पर समीक्षा करते हुए उन्हें शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं पशुपालन विभाग को प्रत्येक जनपद में बड़े पशु चिकित्सालय विकसित कर दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने सभी विभागों को पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के पूर्णता प्रमाण-पत्र एवं रिपोर्ट भी शीघ्र नाबार्ड को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 271 करोड़ रुपये के प्रस्ताव नाबार्ड को भेजे जा चुके हैं, जबकि 210 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी नाबार्ड को प्राप्त हो चुकी है। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सी. रविशंकर, धीराज सिंह गर्ब्याल, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।












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