कोलकाता में महिलाओं की सुरक्षा को नई ढाल, साउथ पोर्ट थाने में 24×7 महिला सुरक्षा और साइबर हेल्प डेस्क शुरू

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महिलाओं से जुड़े मामलों और साइबर ठगी की शिकायतों पर अब दिन-रात होगी त्वरित कार्रवाई, ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड’ भी करेगा गश्त

ए.के. ब्रह्मभट्ट

कोलकाता। महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से कोलकाता पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए साउथ पोर्ट पुलिस स्टेशन में 24 घंटे संचालित महिला सुरक्षा हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क की शुरुआत की है। इन हेल्प डेस्क के माध्यम से महिलाओं से जुड़े अपराधों और ऑनलाइन ठगी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। थाना प्रभारी संजय मुखर्जी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश मिलते ही दोनों हेल्प डेस्क को तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पीड़ितों को बिना किसी देरी के सहायता उपलब्ध कराना और शिकायत दर्ज होने के शुरुआती चरण में ही प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल

महिला सुरक्षा हेल्प डेस्क पर प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यहां महिलाओं से संबंधित अपराधों की शिकायत दर्ज करने, त्वरित एफआईआर प्रक्रिया शुरू करने, घरेलू हिंसा पीड़िताओं को सहायता उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर काउंसलिंग की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इससे महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगी।

साइबर ठगी पर ‘गोल्डन आवर’ में कार्रवाई

डिजिटल लेनदेन में बढ़ोतरी के साथ साइबर अपराधों के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इसे देखते हुए साइबर हेल्प डेस्क को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। यहां ऑनलाइन ठगी, यूपीआई फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग सहित अन्य साइबर अपराधों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।  पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत प्राप्त होते ही ‘गोल्डन आवर’ के भीतर संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर ठगी गई राशि को रोकने अथवा वापस दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि समय पर शिकायत मिलने से धन वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड’ भी रहेगा सक्रिय

महिलाओं की सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य में ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड’ का भी गठन किया गया है। यह विशेष महिला पेट्रोलिंग टीम स्कूटर के माध्यम से बाजारों, शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर नियमित गश्त करेगी। इसका उद्देश्य महिलाओं एवं छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करना है।

हेल्पलाइन नंबर जारी

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि महिला उत्पीड़न, साइबर ठगी या किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 112 (आपातकालीन सहायता) तथा 1930 (साइबर अपराध एवं वित्तीय धोखाधड़ी) पर संपर्क करें या निकटतम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। कोलकाता पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में साउथ पोर्ट थाने में शुरू की गई यह पहल पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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