दस दिन में अनुशासन से नेतृत्व तक का पाठ पढ़कर लौटे एनसीसी कैडेट

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27 बिहार बटालियन के संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का समापन, ड्रिल से फील्ड क्राफ्ट तक लिया सैन्य प्रशिक्षण

पी के गुप्ता

गयाजी। दस दिनों तक अनुशासन, साहस और सैन्य प्रशिक्षण की कसौटी पर तपे एनसीसी कैडेट अब आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के साथ आगे बढ़ने को तैयार हैं। बाजार समिति, चंदौती में 27 बिहार बटालियन एनसीसी की ओर से आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का क्लोजिंग एड्रेस के साथ समापन हुआ। समापन समारोह में कमांडिंग ऑफिसर कर्नल भूपेश पठानिया ने कैडेटों को शिविर के दौरान कराई गई प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण के अनुभव को जीवन में उतारने का आह्वान किया।कर्नल भूपेश पठानिया ने कहा कि शिविर का उद्देश्य कैडेटों को केवल सैन्य गतिविधियों से परिचित कराना नहीं, बल्कि उनमें अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने का आत्मविश्वास विकसित करना भी है।

ड्रिल से बैटल क्राफ्ट तक, लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

दस दिवसीय शिविर में कैडेटों को ड्रिल, मैप रीडिंग, टेंट पिचिंग, फायरिंग, आपदा प्रबंधन, फील्ड क्राफ्ट और बैटल क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया गया। फील्ड क्राफ्ट के दौरान कैडेटों को युद्ध क्षेत्र में छिपकर स्थिति का आकलन करते हुए सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने की तकनीक सिखाई गई। वहीं बैटल क्राफ्ट के तहत युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई करने का अभ्यास कराया गया।कर्नल पठानिया ने कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण युवाओं में अनुशासन और देशभक्ति के साथ नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन तथा कठिन परिस्थितियों में त्वरित और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कैडेटों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

‘शिविर का अनुभव भविष्य में आएगा काम’

कैडेटों ने दस दिवसीय प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि शिविर में सैन्य गतिविधियों के साथ अनुशासन, समय प्रबंधन, टीम भावना और नेतृत्व के गुर सीखने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान हासिल अनुभव भविष्य में उनके लिए उपयोगी साबित होगा। समापन अवसर पर सूबेदार मेजर सरदारी लाल, ऑनरेरी कैप्टन आरबी शर्मा, एएनओ मुकेश वर्मा, पुरुषोत्तम पांडे, रंजय कुमार रश्मि, बिनेश कुमार, लेफ्टिनेंट प्रो. पमपम कुमारी, सूबेदार सूरज सोरेन, सूबेदार एकदेव थापा, सीएचएम देवराज, हवलदार जगदीश, नील प्रसाद गुरुंग, अभय पाठक, सीएचएम राम किशोर कम, देशपाल, सुरेंद्र, प्रभात कुमार तिवारी, पवन, वीरेंद्र, हेड क्लर्क उमेश कुमार, संजय कुमार मंडल, संतोष कुमार झा, लक्ष्मण कुमार, धीरज कुमार और मिंटू कुमार समेत अधिकारी, प्रशिक्षण स्टाफ एवं कैडेट मौजूद रहे।

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