तीन युवकों पर छेड़छाड़, कपड़े फाड़ने और सामूहिक दुष्कर्म की धमकी देने के गंभीर आरोप, न्याय के लिए डीएम से लेकर राष्ट्रपति तक लगाई गुहार
अमित कुमार
हरिद्वार। ‘आखिर कब तक डर-डरकर जिएं…?’ लगातार कथित उत्पीड़न और धमकियों से परेशान पथरी क्षेत्र की एक महिला ने अब अपने दो बच्चों के साथ इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। महिला ने गांव के ही तीन युवकों पर गाली-गलौज, कपड़े फाड़ने, सोशल मीडिया पर बदनाम करने और सामूहिक दुष्कर्म की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए महिला ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता के दौरान पीड़िता शबनम ने आरोप लगाया कि गांव के ही महबूब पुत्र अहमद अली और उसके साथी अहसान व जावेद खुद को यूट्यूबर बताते हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। विरोध करने पर आरोपी कथित तौर पर उसे डराने-धमकाने और लगातार परेशान करने लगे। शबनम के मुताबिक उसके पति काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं और वह अपने दो बच्चों के साथ अकेली रहती है। उसने बताया कि उत्पीड़न से परेशान होकर देहरादून स्थित जन कल्याण समिति के माध्यम से पुलिस को शिकायत भी दी गई, लेकिन उसके अनुसार अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
‘बच्चों के साथ भय में जीने को मजबूर’
महिला ने कहा कि लगातार हो रहे कथित उत्पीड़न से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है। उसका आरोप है कि वह अपने बच्चों के साथ भय के माहौल में रहने को मजबूर है। पुलिस से न्याय नहीं मिलने पर उसने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति से गुहार लगाई है। शबनम ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी यदि उसे न्याय नहीं मिलता और पुलिस आरोपों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करती है तो उसे बच्चों समेत इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी ने पुलिस को मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान जन कल्याण समिति के मीडिया प्रभारी कुलदीप शर्मा भी मौजूद रहे।












Leave a Reply