अमित कुमार
ऋषिकेश/देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईडीपीएल ग्राउंड, ऋषिकेश में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दोनों ने देहरादून जनपद की ₹219 करोड़ से अधिक लागत की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि सेवा पखवाड़ा अभियान लोकसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी है, जब सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचे। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के रूप में पांच वर्ष से अधिक का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई देते हुए इसे जनता के विश्वास और विकास की निरंतरता का प्रतीक बताया। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड ने हाल के वर्षों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून, सशक्त भू-कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
उन्होंने महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण और ‘लखपति दीदी’ योजना को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पुनर्विकास, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों और पर्यटन विकास ने उत्तराखंड को निवेश और विकास का नया केंद्र बनाया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पांच वर्ष पूर्व उन्हें देवभूमि उत्तराखंड की सेवा का अवसर मिला था और सरकार लगातार जनसेवा, सुशासन और समर्पण की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जनसेवा के संकल्प को और मजबूत करने का है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य दोहराते हुए कहा कि आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, उद्योग, निवेश और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। नई स्टार्टअप नीति, एक जनपद-दो उत्पाद, होमस्टे योजना और सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत प्रदेश की 2.65 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। साथ ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा पखवाड़े के दौरान प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, खजान दास, भरत चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं महेंद्र भट्ट सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।












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