21 नवंबर को नगर प्रवेश, 23 दिसंबर को धर्म ध्वजा स्थापना और 14 जनवरी को निकलेगी भव्य पेशवाई
अमित कुमार
हरिद्वार। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े ने महाकुंभ-2027 की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए अखाड़े की परंपरा के अनुसार आयोजित होने वाले प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों की तिथियों और शुभ मुहूर्त की घोषणा कर दी है। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरी गिरि महाराज ने इन तिथियों की घोषणा की। श्रीमहंत हरी गिरि महाराज की अध्यक्षता में विद्वान ज्योतिषाचार्यों एवं धर्माचार्यों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद नगर प्रवेश, भूमि पूजन, धर्म ध्वजा स्थापना और पेशवाई सहित सभी प्रमुख आयोजनों का शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया। श्रीमहंत हरी गिरि महाराज ने बताया कि जूना अखाड़े के पंच परमेश्वर, रमता पंच एवं जमात का 21 नवंबर 2026 को गोधूलि बेला में हरिद्वार में नगर प्रवेश होगा। इसके बाद कुंभ मेला प्रशासन द्वारा आवंटित भूमि पर 1 दिसंबर 2026 को भैरव अष्टमी के अवसर पर अभिजीत मुहूर्त में भूमि पूजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2026 को दत्तात्रेय जयंती के पावन अवसर पर शुभ अभिजीत मुहूर्त में अखाड़े की धर्म ध्वजा स्थापित की जाएगी। धर्म ध्वजा स्थापना के साथ ही जूना अखाड़े की परंपरा के अनुसार महाकुंभ-2027 का विधिवत शुभारंभ माना जाएगा।इसके बाद 14 जनवरी 2027 को उत्तरायण पर्व के अवसर पर नगाड़ों, निशानों और भगवान दत्तात्रेय की पालकी के साथ जूना अखाड़े की भव्य पेशवाई निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर, नागा संन्यासी, संत-महात्मा तथा देशभर से आए श्रद्धालु शामिल होंगे। श्रीमहंत हरी गिरि महाराज ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महाकुंभ-2027 की तैयारियां सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला प्रशासन अखाड़ों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है, जिससे यह महाकुंभ अपनी भव्यता, दिव्यता और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने कुंभ मेला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि मेला अधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती तथा उनकी पूरी टीम लगातार अखाड़ों के संपर्क में रहकर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है।












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