32 सेक्टरों में अफसर करेंगे निर्माण कार्यों की निगरानी, हर सप्ताह मेलाधिकारी को देंगे रिपोर्ट
मेलाधिकारी सोनिका के निर्देश—गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
अमित कुमार
हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए मेला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अब कुंभ क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी जिला स्तरीय अधिकारी और उप जिलाधिकारी भी करेंगे। करीब डेढ़ दर्जन अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपते हुए नियमित स्थलीय निरीक्षण और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।मेलाधिकारी सोनिका ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नामित अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी करें। कार्यों की प्रगति के साथ गुणवत्ता की भी जांच की जाए। किसी योजना के क्रियान्वयन में समस्या आने पर उसका तत्काल समाधान कराया जाए और उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की जरूरत होने पर प्रकरण को बिना देरी अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए।
निर्माण में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं
मेलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कुंभ मेला कार्यों में अब किसी भी स्तर पर हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण स्थलों पर पर्याप्त संसाधनों के साथ पूरी क्षमता से काम होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गति के साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल समाप्त होने के बाद शुरू होने वाले कार्यों की तैयारी अभी से पूरी कर ली जाए। गंगनहर के क्लोजर के दौरान प्रस्तावित घाटों के निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए संबंधित विभाग समय रहते सभी तैयारियां पूरी करें।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से भी संवाद
मेलाधिकारी ने फुटपाथ, सड़क और चौराहों के निर्माण एवं सुधार कार्यों में स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर से मिलने वाले उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को कार्ययोजना में शामिल किया जाए, ताकि निर्माण कार्य जनसुविधाओं के अनुरूप अधिक प्रभावी बन सकें।
घाट-पुल जैसी बड़ी परियोजनाओं पर विशेष निगरानी
कुंभ क्षेत्र में हरिद्वार के अलावा देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिले भी शामिल हैं। पूरे कुंभ क्षेत्र को 32 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इन्हीं सेक्टरों में जिला स्तरीय अधिकारियों और एसडीएम को निर्माण कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों को घाटों, पुलों समेत अन्य बड़ी परियोजनाओं पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
नियमित निरीक्षण के दौरान कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और मौके पर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की जाएगी। जिन बड़ी परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलेगी, वहां संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शिविर स्थलों की लेवलिंग का काम तत्काल शुरू करने के निर्देश
मेलाधिकारी ने विभिन्न सेक्टरों में प्रस्तावित शिविर स्थलों के लिए भूमि की ड्रेसिंग और लेवलिंग का कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। नामित अधिकारी आगामी निरीक्षण में इन कार्यों की प्रगति और वास्तविक स्थिति की भी रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा कुंभ मेला योजनाओं के तहत चल रहे सौंदर्यीकरण और पौधारोपण कार्यों की स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी गई है। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला-2027 को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए प्रत्येक कार्य का समय पर पूरा होना जरूरी है। इसके लिए निरंतर निगरानी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और मौके पर त्वरित निर्णय की व्यवस्था को प्रभावी बनाया गया है। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, सचिव एचआरडीए प्रत्यूष कुमार, नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार हरि गिरी, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, एसडीएम हरिद्वार यागेश मेहरा, एसडीएम ऋषिकेश कुमकुम जोशी, एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान, एसडीएम रुड़की देवेंद्र नेगी, जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान, उप प्रभागीय वनाधिकारी पूनम कैंथोला, जिला विकास अधिकारी केके पंत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।












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