शॉल, दुपट्टा, श्रीफल और मिष्ठान अर्पित कर व्यक्त की श्रद्धा, भारतमाता आश्रम में श्रद्धा-भक्ति से मनाया गया महोत्सव
आर.के.जोशी
नोहर। स्थानीय भारतमाता आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। प्रातःकाल से ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुरु पूजन, देव पूजन, हवन तथा गुरु पादुका पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। दिनभर आश्रम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और बड़ी संख्या में भक्तों ने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महंत योगी रामनाथ अवधूत के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करते हुए शॉल, दुपट्टा, श्रीफल, मिष्ठान तथा गुरु दक्षिणा भेंटस्वरूप प्रेषित की। मुख्यमंत्री की ओर से भेजे गए सम्मान को उपस्थित श्रद्धालुओं ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान और आस्था का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर देवस्थान विभाग की सहायक आयुक्त श्वेता चौधरी, भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री काशीराम गोदारा, मंडल अध्यक्ष अभिषेक पारीक, जन अभाव अभियोग समिति के सदस्य शैलेन्द्र वर्मा, ओमप्रकाश सुथार, श्रवण मौर्य, बेगराज शर्मा, बजरंगलाल पारीक, शिवम वर्मा, धर्मपाल मान, डॉ. महेश सहारण, अजीत सिंह राठौड़, सूरज पेंटर, विनोद जांगिड़, विक्रम स्वामी, समर्थ सैनी, प्रेम स्वामी, मदन सैनी, कुलदीप सीराव, विनोद छींपा, गणेश स्वामी, पवन स्वामी, दीपक भार्गव, लक्की सिंह चारण सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर महंत योगी रामनाथ अवधूत ने सभी श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति को ज्ञान, संस्कार और जीवन की सही दिशा प्रदान करता है। समाज में सेवा, संस्कार, आध्यात्मिकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना ही गुरु परंपरा का मूल उद्देश्य है। अंत में आश्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।












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