न्यू फरक्का में रेल पटरी के नीचे मिट्टी धंसी, हजारों यात्री परेशान; बसों में बढ़ी भीड़, किराया बढ़ाने के आरो
आर के जोशी
कोलकाता/सिलीगुड़ी। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मालदा रेल मंडल के तिलडांगा–न्यू फरक्का रेलखंड में रेल पटरी के नीचे मिट्टी धंसने से उत्तर और दक्षिण बंगाल के बीच रेल यातायात शुक्रवार को भी बुरी तरह प्रभावित रहा। रेलवे की परिचालन सूचनाओं के अनुसार करीब 25 ट्रेन सेवाएं रद्द की गईं, जबकि लगभग 15 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया। कई ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकने अथवा सीमित दूरी तक चलाने का निर्णय भी लिया गया। इसका सबसे अधिक असर कोलकाता, हावड़ा और सियालदह से मालदा, बालुरघाट, राधिकापुर, न्यू जलपाईगुड़ी, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, बामनहाट, असम और पूर्वोत्तर जाने वाले यात्रियों पर पड़ा। दार्जिलिंग मेल, पदातिक एक्सप्रेस, कंचनकन्या एक्सप्रेस, उत्तरबंग एक्सप्रेस, वंदे भारत और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें प्रभावित होने से हजारों यात्रियों की यात्रा योजना बिगड़ गई।
छह फुट तक धंसी मिट्टी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बुधवार तड़के करीब ढाई बजे न्यू फरक्का स्टेशन से बरहरवा की ओर लगभग 100 मीटर की दूरी पर रेल पटरी के नीचे की मिट्टी अचानक कई फुट तक धंस गई। गश्त कर रहे रेलकर्मियों की नजर समय रहते इस पर पड़ गई, जिसके बाद स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी गई और सुरक्षा की दृष्टि से अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। शुक्रवार सुबह तक प्रभावित हिस्से में धंसाव की गहराई करीब छह फुट तक पहुंचने की सूचना थी। मरम्मत के दौरान तालाब के किनारे फिर मिट्टी खिसकने से करीब 15 मीटर का अतिरिक्त हिस्सा प्रभावित हुआ। ओवरहेड बिजली का एक खंभा भी झुक गया, जिससे मरम्मत कार्य और चुनौतीपूर्ण हो गया। रेलवे ने फिलहाल सीमित संख्या में ट्रेनों को डाउन लाइन से सिंगल लाइन व्यवस्था के तहत धीमी गति से चलाने की अनुमति दी है। सामान्य परिचालन शुरू करने से पहले रेल इंजीनियरों की तकनीकी जांच और सुरक्षा मंजूरी जरूरी होगी।
शुक्रवार को रद्द प्रमुख ट्रेनें
शुक्रवार, 4 सितंबर को रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में—
– 12343 सियालदह–हल्दीबाड़ी दार्जिलिंग मेल
– 13147 सियालदह–बामनहाट उत्तरबंग एक्सप्रेस
– 13149 सियालदह–अलीपुरद्वार कंचनकन्या एक्सप्रेस
– 13163 सियालदह–सहरसा हाटेबाजारे एक्सप्रेस
– 13153 सियालदह–मालदा टाउन गौड़ एक्सप्रेस
– 13189 सियालदह–बालुरघाट एक्सप्रेस
– 12377 सियालदह–न्यू अलीपुरद्वार पदातिक एक्सप्रेस
– 13115 सियालदह–न्यू जलपाईगुड़ी हमसफर एक्सप्रेस
– 13145 कोलकाता–राधिकापुर एक्सप्रेस
– 13159 कोलकाता–जोगबनी एक्सप्रेस
– 12345 हावड़ा–गुवाहाटी सरायघाट एक्सप्रेस
– 13033 हावड़ा–कटिहार एक्सप्रेस
– 22301 हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस
– 22302 न्यू जलपाईगुड़ी–हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
– 12042 न्यू जलपाईगुड़ी–हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस
– 13063 हावड़ा–बालुरघाट एक्सप्रेस
– 13053 हावड़ा–राधिकापुर कुलिक एक्सप्रेस
– 13431 नवद्वीप धाम–बालुरघाट एक्सप्रेस
– 13173 सियालदह–सबरूम कंचनजंघा एक्सप्रेस
– 63401 साहिबगंज–मालदा टाउन मेमू
– 63402 मालदा टाउन–साहिबगंज मेमू
इसके अलावा स्थानीय, मेमू और लिंक सेवाओं समेत प्रभावित या रद्द ट्रेनों की संख्या करीब 25 बताई गई है। रेलवे की परिचालन सूचनाएं लगातार अपडेट हो रही हैं, इसलिए यात्रियों को अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।
शनिवार की दो ट्रेनें भी रद्द
रेलवे ने शनिवार, 5 सितंबर को चलने वाली 13162 बालुरघाट–कोलकाता एक्सप्रेस और 13142 न्यू अलीपुरद्वार–सियालदह तीस्ता-तोर्सा एक्सप्रेस को भी रद्द करने की सूचना दी है।
15 ट्रेनें बदले मार्ग से चलीं
प्रभावित रेलखंड से ट्रेनों को बचाने के लिए करीब 15 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। इनमें नलहाटी–अजीमगंज–न्यू फरक्का, बंडेल–कटवा–अजीमगंज और किऊल–मुंगेर–कटिहार जैसे मार्ग शामिल हैं। परिवर्तित मार्ग के कारण कई ट्रेनों के निर्धारित ठहराव समाप्त किए जा सकते हैं और यात्रा समय में कई घंटे की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
150 से अधिक कर्मचारी मरम्मत में जुटे
पूर्व रेलवे ने रेलखंड को जल्द सुरक्षित बनाने के लिए करीब 150 इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों को लगाया है। झारखंड से मालगाड़ियों के जरिये बोल्डर, स्टोन चिप्स और बैलास्ट मंगाकर धंसे हिस्से को भरने का काम चल रहा है। साथ ही पटरी के आसपास पाइलिंग कर मिट्टी को स्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। वरिष्ठ रेल अधिकारी मौके पर मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। तकनीकी जांच में रेलखंड सुरक्षित पाए जाने पर शनिवार से सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।
बसों में भीड़ बढ़ी, किराया बढ़ाने के आरोप
ट्रेनों के रद्द होने के बाद कोलकाता से सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल जाने वाली सरकारी बसों में भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इसी बीच कुछ निजी बस संचालकों पर किराया अचानक बढ़ाने के आरोप भी सामने आए हैं। सप्ताहांत और जन्माष्टमी के कारण पहले से ही यात्रियों की संख्या अधिक होने से परेशानी और बढ़ गई। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले NTES, रेलवे हेल्पलाइन 139 या संबंधित स्टेशन के पूछताछ केंद्र से ट्रेन की वर्तमान स्थिति जरूर जांच लें। रद्द ट्रेन के यात्रियों को रेलवे के नियमानुसार टिकट की राशि वापस की जाएगी।











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