कुंभ मेला-2027 की परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष फोकस, मेलाधिकारी सोनिका ने किया औचक निरीक्षण

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सीसीआर-2 भवन एवं निर्माणाधीन घाटों के कार्यों की जांच, सामग्री के नमूने तृतीय पक्ष परीक्षण को भेजने के निर्देश

अमित कुमार 

हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को गति देते हुए मेला प्रशासन ने अवस्थापना विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने आज विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएं। निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने सबसे पहले सीसीआर-2 भवन के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्था और अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्माण कार्यों को तय समयसीमा के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 के दृष्टिगत यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है और इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्होंने निर्माण कार्य में प्रयुक्त ईंट, सीमेंट एवं अन्य सामग्रियों के नमूने मौके पर ही एकत्र कर तृतीय पक्ष जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद मेलाधिकारी ने गंग नहर के बाएं तट पर शहीद भगत सिंह घाट से सिंह द्वार के मध्य निर्माणाधीन नए घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टील, कंक्रीट एवं अन्य निर्माण सामग्रियों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए। साथ ही घाट की नवनिर्मित आरसीसी दीवार के कुछ हिस्सों के नमूने भी गुणवत्ता परीक्षण के लिए निकलवाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नगर निगम घाट एवं आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की तथा घाटों की दीवारों की स्ट्रेंथ टेस्टिंग समय-समय पर कराने के निर्देश दिए। मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला-2027 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने घाट क्षेत्रों में हरित विकास, सौंदर्यीकरण तथा सुगम आवागमन की सुविधाओं के विकास पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराना मेला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा उत्पन्न हो रही है तो उसे तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि उसका शीघ्र समाधान कर कार्यों को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाया जा सके। निरीक्षण के दौरान तकनीकी सेल के अधीक्षण अभियंता डी.पी. सिंह, पीआईयू के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुश, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल, उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के सहायक अभियंता मानेंद्र पंवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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