स्मार्ट मीटरों के विरोध में माकपा की मुखर आवाज, आगामी 15 जुलाई को हनुमानगढ़ में होगा बड़ा प्रदर्शन

Spread the love

आर.के.जोशी

हनुमानगढ़। स्मार्ट विद्युत मीटर लगाए जाने के विरोध में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (माकपा) ने जिला मुख्यालय पर एक प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को जबरन लागू कर रही है, जिससे आमजन की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि, “सरकार की यह पूरी योजना जनविरोधी है। स्मार्ट मीटरों के जरिए बिजली के निजीकरण की ओर देश को धकेला जा रहा है। जहां ये मीटर लगाए गए हैं, वहां उपभोक्ताओं का बिजली बिल 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ गया है। ये स्मार्ट मीटर आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं।” माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने कहा, “यह स्पष्ट रूप से निजी कंपनियों की मिलीभगत से किया जा रहा षड्यंत्र है। सरकार इन कंपनियों को आम जनता की जेब काटने का खुला अवसर दे रही है। स्मार्ट मीटरों में लगी चिप का पूरा नियंत्रण कंपनियों के पास है और रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कटने की संभावना हमेशा बनी रहती है। यह पूरी व्यवस्था एक तरह से उपभोक्ता की स्वतंत्रता छीनने वाली है।” सीटू नेता शेर सिंह शाक्य ने भी स्मार्ट मीटरों के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए कहा, “जिस तरह से जयपुर व झुंझुनूं जैसे जिलों में उपभोक्ताओं से मनमाने तरीके से 2500 रुपये वसूले जा रहे हैं और मीटर उखाड़े जा रहे हैं, यह लोकतंत्र में जनता की खुली लूट है। सीटू मजदूरों, किसानों और गरीब वर्ग के साथ खड़ी है और इस लड़ाई को निर्णायक रूप देगी।” बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि, “स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता की बजाय शोषण और उत्पीड़न का माहौल बन गया है। इससे पहले भी निजीकरण के चलते बीज, खाद, टेलीकॉम जैसी सेवाओं में जनता को भारी कीमत चुकानी पड़ी है, अब बिजली की बारी है। हम इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
प्रेस वार्ता में नेताओं ने बताया कि पार्टी 7 जुलाई से जिलेभर में जनजागृति अभियान चलाएगी। गांव-गांव, शहर-शहर जाकर नुक्कड़ सभाएं की जाएंगी और जनता को इस निजीकरण के खिलाफ लामबंद किया जाएगा। साथ ही 15 जुलाई को हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी किया जाएगा। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा। इस मौके पर छात्र नेता महेन्द्र शर्मा, डीवाईएफआई नेता वेद मक्कासर व अन्य जिला पदाधिकारी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *