फल्गु तट पर शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे का किया पिंडदान, विधि-विधान से श्राद्ध और तर्पण
पी. के. गुप्ता
गया। पितृपक्ष मेले के बीच मंगलवार को गयाजी की पावन धरती पर शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे ने अपने ससुर एवं पिता का विधि-विधान से श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण किया। फल्गु नदी के तट पर पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्मिता ठाकरे भावुक नजर आईं। गयापाल एवं महाराष्ट्र के पंडा कल्लू चौधरी ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। पिंडदान के बाद स्मिता ठाकरे ने कहा कि गयाजी आकर पितरों का स्मरण करना उनके लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से गयाजी आने की इच्छा थी, जो गुरु के आशीर्वाद से अब पूरी हो सकी। उन्होंने कहा कि जीवन की भागदौड़ और व्यस्तताओं के बीच कई बार व्यक्ति अपने पूर्वजों का स्मरण नहीं कर पाता। गयाजी में पिंडदान के दौरान उन्हें ऐसा अनुभव हुआ कि एक साथ सभी पितरों का स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का अवसर मिला। स्मिता ठाकरे ने कहा कि पितृपक्ष में गयाजी आकर पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना उनके लिए केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा गहरा अनुभव है। पिंडदान के दौरान वह भावुक हो गईं और दिवंगत परिजनों की स्मृतियां उनके मन में ताजा हो उठीं। उन्होंने पितरों की आत्मिक शांति और परिवार के मंगल की कामना के साथ फल्गु तट पर तर्पण किया।











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