अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े मामलों में नैनीताल हाईकोर्ट का फैसला, बोले- राजनीतिक साजिश के तहत किया गया बदनाम
एस. कुमार
हरिद्वार। भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को नैनीताल हाईकोर्ट से बड़ी राहरिद्वार। भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को नैनीताल हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में सुरेश राठौर ने बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो-वीडियो से संबंधित थाना बहादराबाद और झबरेड़ा में दर्ज दो एफआईआर को हाईकोर्ट ने समान आरोपों पर आधारित मानते हुए निरस्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि थाना डालनवाला और नेहरू कॉलोनी में दर्ज अन्य दो मामलों की जांच अभी जारी है, जिसमें वह पुलिस को पूरा सहयोग दे रहे हैं। राठौर ने विश्वास जताया कि शेष दोनों मामलों में भी वह निर्दोष साबित होंगे। सुरेश राठौर ने कहा कि उन्होंने कभी कोई ऑडियो या वीडियो जारी नहीं किया और न ही किसी राजनीतिक नेता के खिलाफ कोई बयानबाजी की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अथवा मुख्यमंत्री के खिलाफ भी कोई टिप्पणी नहीं की। यदि उनकी किसी बात से किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने और उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने कहा कि भाजपा उनके लिए मां के समान है और पार्टी छोड़ने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। पार्टी ने उन्हें पहचान और सम्मान दिया है तथा जीवन के अंतिम क्षण तक उनका जुड़ाव भाजपा से बना रहेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी चुनाव होंगे, वह पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे और जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखेंगे।पत्रकार वार्ता में डॉ. राज धवन, सूर्यांश राठौर, सोमिल चौधरी, हितेश चौहान, प्रवीण कुमार, शेखर कुमार, जुगल राठौर, साजिद अली, मोमिन राव, नितिन शर्मा, सावेज, मुन्ना तथा शेरखान सहित अन्य समर्थक मौजूद रहे।हत मिली है। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में सुरेश राठौर ने बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो-वीडियो से संबंधित थाना बहादराबाद और झबरेड़ा में दर्ज दो एफआईआर को हाईकोर्ट ने समान आरोपों पर आधारित मानते हुए निरस्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि थाना डालनवाला और नेहरू कॉलोनी में दर्ज अन्य दो मामलों की जांच अभी जारी है, जिसमें वह पुलिस को पूरा सहयोग दे रहे हैं। राठौर ने विश्वास जताया कि शेष दोनों मामलों में भी वह निर्दोष साबित होंगे। सुरेश राठौर ने कहा कि उन्होंने कभी कोई ऑडियो या वीडियो जारी नहीं किया और न ही किसी राजनीतिक नेता के खिलाफ कोई बयानबाजी की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अथवा मुख्यमंत्री के खिलाफ भी कोई टिप्पणी नहीं की। यदि उनकी किसी बात से किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने और उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने कहा कि भाजपा उनके लिए मां के समान है और पार्टी छोड़ने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। पार्टी ने उन्हें पहचान और सम्मान दिया है तथा जीवन के अंतिम क्षण तक उनका जुड़ाव भाजपा से बना रहेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी चुनाव होंगे, वह पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे और जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखेंगे।पत्रकार वार्ता में डॉ. राज धवन, सूर्यांश राठौर, सोमिल चौधरी, हितेश चौहान, प्रवीण कुमार, शेखर कुमार, जुगल राठौर, साजिद अली, मोमिन राव, नितिन शर्मा, सावेज, मुन्ना तथा शेरखान सहित अन्य समर्थक मौजूद रहे।












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