₹3.40 लाख की आर्थिक मदद से बढ़ाया कपड़ों और कॉस्मेटिक का व्यवसाय, ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
रमेश राम
चंपावत। सरकारी योजनाओं का सहयोग और आत्मनिर्भर बनने का संकल्प मिल जाए तो गांव में रहकर भी सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। चंपावत जिले के ग्राम चौड़ासेठी की सुनीता सेठी ने इसे साबित कर दिखाया है। ग्रामोत्थान परियोजना (REAP) के सहयोग से उन्होंने कपड़ों और कॉस्मेटिक उत्पादों का कारोबार विस्तार किया और आज प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित ग्रामोत्थान परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी परियोजना से मिली सहायता ने सुनीता के व्यवसाय को नई दिशा दी।
₹3.40 लाख की मदद से बढ़ाया कारोबार
सुनीता को व्यवसाय विस्तार के लिए कुल 3 लाख 40 हजार रुपये की वित्तीय व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। इसमें 75 हजार रुपये योजना अनुदान, 1 लाख 90 हजार रुपये बैंक ऋण और 75 हजार रुपये उनका स्वयं का योगदान शामिल है। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपनी दुकान का विस्तार किया और लेडीज कपड़ों के साथ कॉस्मेटिक उत्पादों की विस्तृत रेंज ग्राहकों के लिए उपलब्ध करानी शुरू की। दुकान पर उचित दरों में अधिक विकल्प मिलने से ग्राहकों की संख्या बढ़ी। कारोबार में सुधार के साथ सुनीता की आमदनी भी बढ़ने लगी। आज उनकी मासिक आय 15 हजार से 20 हजार रुपये के बीच है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
सुनीता सेठी की सफलता बताती है कि वित्तीय सहायता, स्थानीय स्तर पर व्यवसाय के अवसर और मेहनत के मेल से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकती हैं। उनका सफर दूसरी महिलाओं को भी अपने गांव में स्वरोजगार शुरू करने और परिवार की आय बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से सुनीता को मिला सहयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।











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